चारधाम यात्रा से पहले बड़ा कदम: डॉक्टरों को दी जा रही विशेष ट्रेनिंग
हाई एल्टीट्यूड बीमारियों से निपटने के लिए डॉक्टरों की तैयारी, चारधाम यात्रा से पहले प्रशिक्षण शुरू
श्रीनगर। चार धाम यात्रा (यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ) को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए इस वर्ष स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और सशक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। यात्रा शुरू होने से पहले ही पौड़ी और उत्तरकाशी जिलों के चिकित्सा अधिकारियों के लिए दो दिवसीय विशेष
चारधाम स्वास्थ्य प्रणाली में चिकित्सा अधिकारियों का सुदृढ़ीकरण एवं प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया है, ताकि तीर्थयात्रियों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों (हाई एल्टीट्यूड) में बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
चार धाम यात्रा मार्गों से जुड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत चिकित्सकों को इस प्रशिक्षण में शामिल किया गया है। उन्हें सिखाया जा रहा है कि यात्रा के दौरान बीमार होने वाले श्रद्धालुओं की त्वरित जांच, सही दवा और आपात स्थिति में प्रभावी उपचार कैसे किया जाए। हाई एल्टीट्यूड पर होने वाली समस्याएं जैसे सांस लेने में दिक्कत, थकान, ब्लड प्रेशर असंतुलन और हृदय संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का पहला चरण शुरू हो चुका है, जबकि इसके बाद दो और चरणों में अलग-अलग जिलों के चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन एचएनबी बेस अस्पताल के नेल्स स्किल सेंटर में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए डॉ आशुतोष सयाना ने कहा कि यह प्रशिक्षण भारत सरकार और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत हर वर्ष नियमित रूप से आयोजित किया जाता है।
डॉ सयाना ने कहा कि चार धाम यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि चारधाम की पवित्र यात्रा में देश-विदेश से श्रद्धालु विभिन्न भावों के साथ आते हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि हर यात्री को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं। चारधाम यात्रा में चिकित्सा सेवा देना अपने आप में सौभाग्य है, जहां से हम पुण्य अर्जित करते हैं। मानव सेवा ही परम धर्म है, और चिकित्सकों को स्वयं को सेवक के रूप में देखते हुए पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए। उन्होंने चिकित्सकों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और हाई एल्टीट्यूड क्षेत्रों में आने वाले प्रत्येक यात्री को बेहतर उपचार देने के लिए तैयार रहें।
इस प्रशिक्षण में कुल 26 चिकित्सा अधिकारी प्रतिभाग कर रहे हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ राकेश रावत ने सभी प्रशिक्षण लेने आए डाक्टरों को बधाई दी। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी प्रो अजेय विक्रम सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ केएस बुटोला, डॉ सुरेंद्र सिंह नेगी,
डॉ धनंजय डोभाल, डॉ सतेंद्र यादव सहित मेडिकल कॉलेज के अन्य सभी विशेषज्ञ तीर्थयात्रियों को आने वाली संभावित स्वास्थ्य समस्याओं, आपात स्थितियों और उनके प्रभावी उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं।
तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर विशेष फोकस
चार धाम यात्रा में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिनमें कई बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग भी शामिल होते हैं। ऐसे में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल चिकित्सकों की दक्षता बढ़ाने में मदद करेगा, बल्कि यात्रा के दौरान होने वाली आकस्मिक स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस पहल का उद्देश्य यही है कि हर श्रद्धालु को सुरक्षित, सुगम और स्वास्थ्यपूर्ण यात्रा अनुभव मिल सके।



