राज्यपाल का प्रेरणादायक दौरा: अस्पताल, पुस्तकालय और स्टेडियम में संवाद व निरीक्षण, जिला पुस्तकालय में विद्यार्थियों का उत्साह: राज्यपाल ने बढ़ाया हौसला, उन्नत एवं आधुनिक पुस्तकालय की सराहना”, मरीजों के बीच पहुंचे राज्यपाल, कार्मिकों से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर दिया जोर

जनपद पौड़ी के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हुए जिला अस्पताल का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायज़ा लिया। इसके उपरांत उन्होंने जिला पुस्तकालय का लोकार्पण कर वहां उपस्थित पाठकों व छात्र छात्राओं से संवाद किया।
शनिवार को पौड़ी भ्रमण के दूसरे दिन राज्यपाल सर्वप्रथम जिला अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, उपचार व्यवस्थाओं एवं आधारभूत ढांचे का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल का भ्रमण कर भर्ती मरीजों एवं उनके तीमारदारों से संवाद किया तथा उन्हें मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवाइयों की उपलब्धता और डॉक्टरों के व्यवहार के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मरीजों को समयबद्ध, संवेदनशील एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
राज्यपाल ने डॉक्टरों, स्टाफ नर्सों एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मियों से भी बातचीत कर उनके अनुभव, कार्य परिस्थितियों एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि तकनीकी संसाधनों को कड़ी मेहनत और मानवीय संवेदनशीलता के साथ जोड़ने से ही स्वास्थ्य सेवाओं में वास्तविक प्रगति संभव है।
निरीक्षण के दौरान राज्यपाल ने आईसीयू कक्ष, डिजिटल एक्स-रे कक्ष एवं सीटी स्कैन यूनिट का अवलोकन किया तथा वहाँ की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने जिला अस्पताल को और बेहतर बनाने हेतु सीएमएस से सुझाव मांगे और आवश्यक उपकरणों की सूची शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग करते हुए जिला अस्पताल को भविष्य में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं से सुसज्जित बनाया जाएगा। साथ ही आईसीयू (गहन चिकित्सा इकाई) को और अधिक आधुनिक बनाने के भी निर्देश दिए।
इसके उपरांत राज्यपाल ने जिला पुस्तकालय का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने राज्यपाल का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा राज्यपाल को पुस्तकालय में उपलब्ध पुस्तकों, आधुनिक फर्नीचर, पठन-पाठन की सुविधाओं, बुक स्टोरेज, वाई-फाई जोन, पेयजल व्यवस्था, पहाड़ी शैली में बनी बाह्य अवसंरचना, घंटाघर के एकीकरण एवं अन्य संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी गयी। राज्यपाल ने पुस्तकालय परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की सराहना की और इसे विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
राज्यपाल ने उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, कैरियर योजनाओं एवं भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण एवं निरंतर प्रयास के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि “सोच, विचार और मजबूत धारणा ही सफलता की दिशा तय करती है।”
जिला पुस्तकालय में उपस्थित विद्यार्थियों ने राज्यपाल को अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के बारे में अवगत कराया। पाठकों ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय विकसित किए जाने पर जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया तथा राज्यपाल से मिलकर प्रसन्नता जाहिर की। राज्यपाल ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें नियमित अध्ययन, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र होता है।
उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे अवसरों पर आकर प्रसन्नता होती है, जहाँ पढ़ाई-लिखाई और पुस्तकालय जैसे विषयों पर चर्चा होती है। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में शिक्षा का स्वरूप बदल रहा है, लेकिन उत्तराखंड की धरती ऐसी है जहाँ आध्यात्मिकता के साथ शिक्षा का समन्वय होता है। यहाँ विद्या का प्रवाह मानवता और आध्यात्मिकता दोनों को जोड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि पौड़ी की पावन भूमि से देश को प्रथम एवं द्वितीय सीडीएस, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जैसे विशिष्ट व्यक्तित्व मिले हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि अध्ययन के साथ-साथ उन्हें मिशन मोड में कार्य करना चाहिए और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए कि वे जीवन में क्या बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “सपने खुली आँखों से देखिए और बड़े व विस्तृत सपने देखिए।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अच्छी संगत का होना भी आवश्यक है। इस दौरान उन्होंने जिला पुस्तकालय के लिए एक कंप्यूटर, दो टैबलेट, 108 पुस्तकें एवं एक कॉफी मशीन भेंट करने की घोषणा की। इस दौरान बच्चे अत्यंत उत्साहित नजर आए और पाठकों ने राज्यपाल से उनके अनुभव सुनने का अवसर मिलने पर आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि जिलाधिकारी के निर्देशन में जिला पुस्तकालय के सुदृढ़ीकरण एवं आधुनिकीकरण हेतु जिला योजना के अंतर्गत लगभग 55 लाख रुपये की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। इनमें घंटाघर का निर्माण एवं सुधार, पाथवे एवं रेलिंग की व्यवस्था, भवन के द्वारों का नवीनीकरण, आधुनिक फर्नीचर की उपलब्धता, मरम्मत कार्य, पेयजल सुविधा तथा शौचालयों का निर्माण एवं उन्नयन शामिल हैं, जिससे पुस्तकालय को एक आधुनिक एवं सुविधायुक्त अध्ययन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
अपने दौरे के दौरान राज्यपाल ने रांसी स्टेडियम पहुंचकर वहां अभ्यास कर रहे विभिन्न आयुवर्ग के खिलाड़ियों से भी मुलाकात की। उन्होंने एथलेटिक्स सहित विभिन्न खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों, विशेषकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभाओं से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया।
राज्यपाल ने खिलाड़ियों को उपलब्ध खेल अवसंरचनाओं का अधिकतम उपयोग करने, अनुशासन एवं निरंतर अभ्यास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि लक्ष्य बड़ा रखें और उसे प्राप्त करने के लिए समर्पण के साथ प्रयास करें। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी ओलंपिक खेलों में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने का संकल्प लेने हेतु प्रेरित किया तथा सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, नगर पालिका अध्यक्षा हिमानी नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, सीएमओ डॉ. शिव मोहन शुक्ला, पी.डी. डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, एएसपी अनूप काला, डीडीओ मनविंदर कौर, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, सीएमएस डॉ. एल डी सेमवाल, उप जिलाधिकारी नूपुर वर्मा, अधिशासी अभियंता लोनिवि रीना बिष्ट, विवेक सेमवाल, तहसीलदार दीवान सिंह राणा सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।



