देहरादून, 30 जुलाई। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने धौलास आवासीय योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 232 आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) परिवारों को फ्लैट आवंटित किए। आईएसबीटी स्थित सिटी जंक्शन मॉल में आयोजित कार्यक्रम में कंप्यूटरीकृत एवं पूर्णतः पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से भवन संख्या का आवंटन किया गया। यह केवल फ्लैट आवंटन नहीं, बल्कि वर्षों से अपने घर का सपना देख रहे 232 परिवारों के लिए नई जिंदगी की शुरुआत साबित हुआ।

मुख्य बिंदु:
- 232 ईडब्ल्यूएस (EWS) परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट आवंटित।
- पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी लॉटरी प्रक्रिया से भवन संख्या का आवंटन।
- 4 दिव्यांग और 2 वरिष्ठ नागरिक लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर भूतल पर फ्लैट।
- मुख्यमंत्री धामी के ‘हर पात्र परिवार को अपना घर’ संकल्प को मिला नया विस्तार।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार “हर पात्र परिवार को अपना घर” उपलब्ध कराने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के अनुरूप सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को केवल मकान ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य भी प्रदान कर रही है।
कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि एमडीडीए ने सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए 4 दिव्यांग और 2 वरिष्ठ नागरिकों को उनकी सुविधा के लिए भूतल पर फ्लैट आवंटित किए। यह निर्णय सरकार की समावेशी और संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बना।
धौलास आवासीय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए आधुनिक, सुरक्षित और सभी आवश्यक नागरिक सुविधाओं से युक्त आवास उपलब्ध कराने की महत्वपूर्ण परियोजना है। फ्लैट आवंटन के दौरान लाभार्थियों के चेहरों पर वर्षों का इंतजार खत्म होने की खुशी साफ दिखाई दी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि सभी 232 लाभार्थियों को निर्धारित नियमों के तहत कंप्यूटरीकृत लॉटरी प्रणाली से भवन संख्या आवंटित की गई। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष रही।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य केवल भवन निर्माण नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री धामी के मार्गदर्शन में एमडीडीए भविष्य में भी जनकल्याण, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देता रहेगा।



