देहरादून। आईसीएसई और सीबीएसई स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में आयोजित छठे टॉपर्स कॉन्क्लेव में उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने छात्रों से सफलता के बाद भी निरंतर सीखते रहने और मौलिक सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उपलब्धि हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उस मुकाम को बनाए रखना उससे भी बड़ी चुनौती है।
आईआरडीटी ऑडिटोरियम में यूकॉस्ट, दिव्य हिमगिरी और डीआईटी यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. पांडेय ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में वही आगे बढ़ेगा, जिसके पास नई सोच और मौलिकता होगी। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए आजीवन सीखने की आदत बनाए रखने की सलाह दी।
डीआईटी यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जी. रघुराम ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा के अनेक अवसर उपलब्ध हैं और सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि छात्र ने कितनी गहराई से ज्ञान अर्जित किया है। वहीं, आईआईपी के निदेशक डॉ. हरेंद्र सिंह बिष्ट ने कविता के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में 31 स्कूलों के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त 306 विद्यार्थियों को गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 31 स्कूलों को भी ‘बेस्ट स्कूल’ सम्मान प्रदान किया गया।
यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत ने कहा कि देहरादून देश के प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों का केंद्र बन चुका है और जल्द ही यहां देश की पांचवीं साइंस सिटी भी तैयार होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से वैज्ञानिक संस्थानों का भ्रमण कर अपने ज्ञान और दृष्टिकोण को व्यापक बनाने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कश्यप, दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन डॉ. डी.एस. मान, कार्यक्रम संयोजक डॉ. कुँवर राज अस्थाना सहित विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रबंधन प्रतिनिधि, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।



