
देहरादून, 1 सितंबर 2026। वन्यजीवों की अवैध खरीद-फरोख्त के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत देहरादून वन प्रभाग ने संरक्षित इंडियन स्पॉटेड ईगल (Indian Spotted Eagle) की अवैध खरीद-फरोख्त के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मालसी रेंज क्षेत्र में मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई।
वन विभाग को सूचना मिली थी कि बल्लूपुर चौक के समीप एक व्यक्ति द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षित इंडियन स्पॉटेड ईगल की अवैध खरीद-फरोख्त की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए उप प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून अभिषेक मैठाणी के नेतृत्व में मालसी रेंज और वन सुरक्षा दल की संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई।
टीम ने संदिग्ध व्यक्ति के आवास पर छापेमारी कर तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी के घर से इंडियन स्पॉटेड ईगल बरामद किया गया। वन विभाग की टीम ने संरक्षित वन्यजीव को अपने कब्जे में लेकर विभागीय अभिरक्षा में सुरक्षित किया और मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई शुरू की।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा
प्रथम दृष्टया जांच में मामला वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षित वन्यजीव के अवैध कब्जे और खरीद-फरोख्त से जुड़ा पाया गया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
आरोपी को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। वन विभाग के अनुसार मामले में आगे की कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई जारी है।
अवैध वन्यजीव कारोबार से जुड़े लोगों की भी जांच
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि संरक्षित ईगल आरोपी तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कोई संगठित अवैध वन्यजीव व्यापार नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। मामले में अवैध वन्यजीव कारोबार से जुड़े अन्य संभावित व्यक्तियों के संबंध में भी जांच की जा रही है।
कार्रवाई करने वाली टीम में वन क्षेत्राधिकारी मालसी सुची चौहान, वन सुरक्षा दल के सदस्य अजीत, देवेंद्र रावत (वन दरोगा), अनुज, हरीश (वन आरक्षी), क्यूआरटी सदस्य जितेंद्र, रजनीश सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
वन विभाग की सख्त चेतावनी
प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून वैभव कुमार सिंह ने कहा कि वन्यजीवों का अवैध शिकार, कब्जा तथा खरीद-फरोख्त गंभीर वन्यजीव अपराध है। वन विभाग ऐसे मामलों को पूरी गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर एवं प्रभावी कानूनी कार्रवाई करेगा।
उन्होंने आमजन से अपील की कि वन्यजीव अपराध, अवैध वन्यजीव व्यापार, वन्यजीवों के अवैध कब्जे अथवा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल वन विभाग की हेल्पलाइन 1926 या नजदीकी वन चौकी को दें, ताकि वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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