अवैध प्लॉटिंग पर MDDA का बड़ा एक्शन, दो जगह ध्वस्तीकरण और तीन निर्माण सील

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) ने अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को प्राधिकरण की टीम ने डोईवाला क्षेत्र में दो स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया, जबकि ऋषिकेश के विस्थापित क्षेत्र में तीन अवैध निर्माणों को सील कर दिया।
MDDA की कार्रवाई डोईवाला तहसील के शेरगढ़ माजरीग्रांट से शुरू हुई। यहां अवतार सिंह और प्रमोद पाल द्वारा करीब 10 से 15 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ टीम ने कार्रवाई की। मौके पर पहुंची टीम ने प्लॉटिंग के लिए किए गए विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया।
इसके बाद टीम ने फतेहपुर माजरीग्रांट में कार्रवाई की। यहां मुकेश सकलानी द्वारा करीब 10 बीघा भूमि में की जा रही प्लॉटिंग को अवैध पाए जाने पर ध्वस्त किया गया। दोनों स्थानों पर कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति या निर्धारित मानकों के विपरीत की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
ऋषिकेश में तीन निर्माण सील
अवैध प्लॉटिंग के साथ ही MDDA ने ऋषिकेश के आमबाग गली नंबर-02 स्थित विस्थापित क्षेत्र में भी कार्रवाई की। यहां तीन अलग-अलग अवैध निर्माणों को सील किया गया।
प्राधिकरण की टीम ने अमित भाटिया द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया। इसके अलावा राणा जी के एक अन्य निर्माण और पंकज सेठ द्वारा किए जा रहे निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर जारी रहेगा अभियान
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी भूखंड खरीदने से पहले भूमि के भू-उपयोग और संबंधित प्राधिकरण की स्वीकृति की जांच जरूर करें। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
MDDA सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के मामलों में आगे भी सीलिंग, ध्वस्तीकरण समेत अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भवन निर्माण या भूखंड खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच करने की अपील की।
MDDA की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से प्लॉटिंग और निर्माण करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। प्राधिकरण ने संकेत दिया है कि ऐसे मामलों की निगरानी आगे भी जारी रहेगी।




