
सितंबर का आधा महीना खत्म होने को है। आमतौर पर इन दिनों कड़ी धूप से लोग व्याकुल हो जाते हैं। लेकिन इस बार मौसम में हुआ परिवर्तन लोगों को हैरान कर रहा है। प्रदेश के कई जिले तो ऐसे हैं जहां मानसून कहर बरसा रहा है। मौसम की स्थिति को देखकर आईएमडी असमंजस में है कि अभी तक मानसून की विदाई का समय समझ में नहीं आ रहा है। आमतौर पर सितंबर शुरुआत में ही मानसून की विदाई शुरू हो जाती थी, और 20 से 25 सितंबर तक यह पूरे देश से बाहर हो जाता था,लेकिन इस समय जो स्थिति है उसे यह लग रहा है कि इस बार मानसून 15 अक्टूबर के बाद विदा होगा। उत्तराखंड की तो यहां पर 5 दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी देहरादून से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से भूस्खलन और नदियां उफान पर है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन नदी के किनारे न जाएं। लैंडस्लाइड के कारण 200 सड़कें भी बंद हैं। चारधाम यात्रा रोक दी गई है। केदारनाथ में बुधवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। दक्षिण से उत्तर भारत तक हो रही बारिश ने जिंदगी की रफ्तार पर लगाया ब्रेक, मैदान से लेकर पहाड़ तक पानी-पानी नजर आ रहा है। अभी कुछ दिनों तक ऐसे ही मौसम रहेगा।
कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक कई दिनों से काले-घने बादल, तूफानी बारिश ने देशवासियों के दिनचर्या भी बिगाड़ दी है। देश के कई शहर पानी में डूबे हुए हैं। मैदान से लेकर पहाड़ तक चारों तरफ पानी-पानी नजर आ रहा है। सितंबर का आधा महीना खत्म होने को है। आमतौर पर इन दिनों कड़ी धूप से लोग व्याकुल हो जाते हैं। लेकिन इस बार मौसम में हुआ परिवर्तन लोगों को हैरान कर रहा है। प्रदेश के कई जिले तो ऐसे हैं जहां मानसून कहर बरसा रहा है। मौसम की स्थिति को देखकर आईएमडी असमंजस में है कि अभी तक मानसून की विदाई का समय समझ में नहीं आ रहा है। आमतौर पर सितंबर शुरुआत में ही मानसून की विदाई शुरू हो जाती थी, और 20 से 25 सितंबर तक यह पूरे देश से बाहर हो जाता था,लेकिन इस समय जो स्थिति है उसे यह लग रहा है कि इस बार मानसून 15 अक्टूबर के बाद विदा होगा। जो मानसून की विदाई में एक रिकॉर्ड देरी होगी। बारिश के कारण तापमान में काफी गिरावट आई है। लगातार हो रही बारिश से उत्तराखंड, हिमाचल से लेकर पूरे उत्तर भारत में ठंड का एहसास होने लगा है। घरों पर लोगों ने पंखे भी बंद कर दिए हैं। अगर बात करें उत्तराखंड की तो यहां पर 5 दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राजधानी देहरादून से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से भूस्खलन और नदियां उफान पर है। इसके साथ आवागमन भी प्रभावित हुआ है। केदारनाथ राजमार्ग के सोनप्रयाग से एक किमी दूर गौरीकुंड की तरफ सोमवार शाम को भूस्खलन होने से कई यात्री मलबे के नीचे दब गए। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड में जारी भारी बारिश के चलते गंगा, कोसी और काली नदियां उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इन नदी के किनारे न जाएं। लैंडस्लाइड के कारण 200 सड़कें भी बंद हैं। चारधाम यात्रा रोक दी गई है। केदारनाथ में बुधवार को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। यहां की चोटियों पर बर्फ देखने को मिली और रुक-रुककर बारिश जारी है। बारिश-बर्फबारी से धाम में ठंड बढ़ने लगी है। गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने केदारनाथ यात्रा और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन और विभाग अधिकारियों के साथ बैठक में सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन और अति संवेदनशील स्थानों पर मास्क और हैलोजन लाइट लगाने और सुरक्षा यात्रा सुरक्षित यात्रा करने के लिए प्रॉपर निर्देश दिए। साथ ही, यह भी तय किया गया है कि बारिश के दौरान तीर्थ यात्री हेलमेट पहनकर घाटी पार करेंगे। उत्तराखंड के साथ ऐसे ही हाल देश के कई राज्यों में भी है। दक्षिण से लेकर पूरब तक पश्चिम से लेकर उत्तर भारत तक सभी राज्यों में बारिश ने कहर मचा रखा है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद देशवासियों में हैरानी है। जबकि आमतौर पर मध्य सितंबर के आसपास ऐसा मौसम कम ही देखने को मिलता है। सितंबर महीने में मानसून की वापसी मानी जाती है। लेकिन फिलहाल अभी मानसून एक बार फिर से एक्टिव हो गया है। जिसकी वजह से आसमान से झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने चमोली, देहरादून, पौड़ी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर एवं हरिद्वार देहरादून,पौड़ी, बागेश्वर, चंपावत, नैनीताल, उधमसिंह नगर एवं हरिद्वार में बारिश का अलर्ट जारी किया है। देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, चंपावत, पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, टिहरी, अल्मोड़ा, बागेश्वर, उधमसिंह नगर और हरिद्वार के जिलाधिकारियों ने भारी बारिश के मद्देनजर शुक्रवार को अपने जिलों में सभी स्कूलों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए। आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सामान्य से भारी बारिश हो सकती है। जिसको लेकर प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है।



