
हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने भारत के ‘बुजुर्गों’ के लिए 11 सितंबर को ‘आयुष्मान’ भारत योजना का बड़ा एलान किया। केंद्र की भाजपा सरकार की इस पहल का स्वागत तो किया जा सकता है लेकिन यह हेल्थ स्कीम 60 साल की आयु पूरे करने वाले ‘वरिष्ठ नागरिकों’ के लिए होती तो और बेहतर रहता और देश के करोड़ों लोगों को फायदा भी मिलता है। ‘सही मायने में भाजपा सरकार ने इस योजना में केवल बुजुर्गों को ध्यान में रखा, वरिष्ठ नागरिकों को नहीं।’ हमारे देश में 60 साल की आयु पार करने वाले सभी वरिष्ठ नागरिक की श्रेणी में आते हैं। 70 साल के ऊपर सभी नागरिक बुजुर्ग ही कहलाएंगे। केंद्र ने बुधवार को ‘आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना’ शुरू करने का एलान किया। इसके तहत 70 साल से ऊपर के सभी लोग इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र होंगे। जिनकी आयु 60 से 70 साल के बीच हैं वह सभी वरिष्ठ नागरिक इस हेल्थ स्कीम से वंचित रह जाएंगे। ऐसे लोगों के लिए सरकार की यह स्कीम किसी काम की नहीं है। यह बीमा कवर 70 साल से कम आयु के नागरिकों पर लागू नहीं होगा। आयुष्मान भारत पीएम जन आरोग्य योजना को मोदी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इस योजना से बुजुर्गों की स्वास्थ्य को लेकर चिंता खत्म होगी। लोकसभा चुनाव से पहले जारी भाजपा घोषणापत्र में ये बात कही गई थी। सरकार के मुताबिक, 6 करोड़ सीनियर सिटीजन को 5 लाख तक का इलाज मुफ्त मिल सकेगा। इसमें देश के करीब 4.5 करोड़ परिवार शामिल होंगे। भाजपा सरकार ने कहा कि 70 साल और उससे ज्यादा उम्र के सभी बुजुर्ग चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, वे इस योजना का फायदा उठा सकेंगे। उनके लिए एक नया अलग कार्ड जारी किया जाएगा। जो परिवार पहले से आयुष्मान के दायरे में हैं, उन्हें 70 पार के बुजुर्गों के लिए हर साल 5 लाख रुपए तक का एडीशनल कवर मिलेगा। इसका इस्तेमाल परिवार के अन्य लोग नहीं कर सकेंगे। इस योजना को शुरू करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि ये हमारी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा, इसको देखते हुए कैबिनेट ने 70 वर्ष से ऊपर के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करने के लिए आयुष्मान भारत के दायरे को विस्तारित करने का निर्णय लिया है। यह योजना 6 करोड़ नागरिकों के सम्मान, देखभाल और सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी। 70 वर्ष से अधिक आयु के लोग जो पहले से ही केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस), भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) और आयुष्मान केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) जैसी अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, या तो अपनी मौजूदा योजना चुन सकते हैं या एबी पीएमजेएवाई का विकल्प चुन सकते हैं। यह स्पष्ट किया गया है कि 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक जो निजी स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों या कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत हैं, वे एबी पीएम-जेएवाई के तहत लाभ प्राप्त करने के पात्र होंगे। एबी पीएम-जेएवाई दुनिया की सबसे बड़ी सार्वजनिक रूप से वित्तपोषित स्वास्थ्य आश्वासन योजना है, जो 12.34 करोड़ परिवारों के 55 करोड़ लोगों को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर प्रदान करती है। उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत दुनिया की सबसे बड़ी बीमा योजना है, जो देश के सबसे गरीब 40 प्रतिशत लोगों को हर साल 5 लाख रुपये तक की मुफ्त इलाज की सुविधा देती है।

केंद्र सरकार ने देश में आयुष्मान भारत योजना साल 2017 में शुरू की थी–
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना साल 2017 में शुरू की थी। हालांकि, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्य इस योजना को मानने से इनकार कर रहे हैं और राज्य में खुद अपनी योजना चला रहे हैं। इस योजना के तहत देश भर के सिलेक्टेड सरकारी और निजी अस्पतालों में इलाज करवाया जा सकता है। भर्ती होने के 10 दिन पहले और बाद के खर्च का भी इस योजना के तहत भुगतान का प्रावधान है। आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं। किसी बीमारी में अस्पताल में एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च इसमें कवर होते हैं। ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च इसमें कवर होता है। सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज जैसी चीजें इसमें शामिल हैं। केंद्र सरकार की शुरू की गई इस हेल्थ बीमा पॉलिसी में किसी को लाभ लेना है तो उन्हें अपनी आयु 70 साल करनी होगी। अक्सर कई लोगों का सवाल रहता है कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत किन-किन बीमारियों का इलाज कराया जा सकता है? आइए जानते हैं। आज के दौर में खुशकिस्मत वो है जो गंभीर बीमारियों से बचा हुआ है। जिसका परिवार इससे बचा हुआ है। वजह है इलाज का महंगा होना। इतना महंगा कि अच्छे-अच्छे परिवार को गरीबी में ढकेल सकता है। आयुष्मान योजना में पुरानी बीमारियां भी कवर होती हैं। किसी बीमारी में अस्पताल में एडमिट होने से पहले और बाद के खर्च इसमें कवर होते हैं। ट्रांसपोर्ट पर होने वाला खर्च इसमें कवर होता है। सभी मेडिकल जांच, ऑपरेशन, इलाज जैसी चीजें इसमें शामिल हैं। इस योजना के तहत अब तक साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा लोग अपना इलाज करा चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आप कई बड़ी बीमारियों का इलाज करा सकते हैं। अगर आपके पास आयुष्मान कार्ड है तो आप कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी का भी इलाज करा सकते हैं। स्कीम के तहत दिल और किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों का भी इलाज किया जाता है। इसके अलावा कोरोना और मोतियाबिंद का भी इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत कराया जा सकता है। अगर आपका आयुष्मान भारत कार्ड बना हुआ है तो आप 29 हजार से ज्यादा लिस्टेड अस्पतालों में कैशलेस और पेपरलेस स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं। अगर आप अपना आयुष्मान भारत कार्ड बनवाना चाहते हैं तो इसे बनवाने की प्रक्रिया काफी आसान है। इसमें आपको किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना होगा। आप नजदीकी जनसेवा केंद्र पर जाकर आयुष्मान भारत योजना में आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप योजना के पोर्टल या आयुष्मान मित्र एप की मदद से भी स्कीम में आवेदन कर सकते हैं। 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए कवर के विस्तार की घोषणा पहले अप्रैल 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी। एबी पीएम-जेएवाई योजना में लाभार्थी आधार का निरंतर विस्तार देखा गया है। प्रारंभ में, इस योजना के तहत भारत की निचली 40% आबादी वाले 10.74 करोड़ गरीब और कमजोर परिवारों को शामिल किया गया था। बाद में, भारत सरकार ने 2011 की जनसंख्या की तुलना में भारत की दशकीय जनसंख्या वृद्धि 11.7% को देखते हुए जनवरी 2022 में एबी पीएम-जेएवाई के तहत लाभार्थी आधार को 10.74 करोड़ से संशोधित कर 12 करोड़ परिवारों तक कर दिया। देश भर में काम करने वाली 37 लाख आशा/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और उनके परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल लाभ प्रदान करने के लिए इस योजना का और विस्तार किया गया। मिशन को आगे बढ़ाते हुए, एबी पीएम-जेएवाई अब देश भर में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के सभी नागरिकों को 5 लाख रुपये की मुफ्त स्वास्थ्य देखभाल कवरेज प्रदान करेगी।



