दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में कोविड-19 का नया वेरिएंट एक बार फिर पैर पसारने लगा है। भारत में मौजूदा समय में 312 एक्टिव कोरोना केस सामने आए हैं। इसमें दिल्ली से 23, हरियाणा से 5, गुजरात से 33, महाराष्ट्र से 56 केस सामने आए हैं। केंद्र से लेकर राज्य सरकारें पूरी तरह से सतर्क और अलर्ट मोड पर आ गई हैं । अगर बात करें उत्तराखंड की तो धामी सरकार कोरोना के नए वेरिएंट को लेकर नजर बनाए हुए है । उत्तराखंड में कोरोना के नए वेरिएंट के दो नए केस सामने आए हैं। हालांकि दोनों बाहरी राज्यों के हैं। एक मरीज बेंगलुरु और दूसरा गुजरात का है। दोनों को उपचार के लिए ऋषिकेश में भर्ती कराया गया । इसके बाद स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। उत्तराखंड की स्वास्थ्य महानिदेशक डॉक्टर सुनीता टम्टा ने बताया कि गुजरात से आई 57 साल की एक महिला ऋषिकेश में पूजा के लिए आई थी, जिनमें कोरोना संक्रमण के लक्षण पाए गए थे। जब उन्होंने जांच कराई तो उनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है, जिनका इलाज अभी चल रहा है। इसके बेंगलुरु से एक डॉक्टर उत्तराखंड आए हैं, उनमें भी कोरोना की पुष्टि हुई है। जिनका इलाज घर पर ही चल रहा है। सुनीता टम्टा ने बताया कि उत्तराखंड में कोई ऐसा एक्टिव कैसे नहीं आया है, लेकिन भारत सरकार की ओर से दिए गए दिशा निर्देशों के आधार पर प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को इस बाबत निर्देश दिए गए हैं कि प्रदेश में सैंपलिंग को बढ़ाया जाए। विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि यह वायरस मौजूदा इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है और इंसानों से इंसानों में तेजी से फैल सकता है। भले ही देशभर में फिलहाल कोरोना वायरस केस की संख्या पिछली वेव के मुकाबले कम हैं, लेकिन मुंबई, चेन्नई और अहमदाबाद जैसे शहरों में वायरस में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। देश में कोविड-19 के नए वेरिएंट के मामलों में वृद्धि के बाद उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। स्वास्थ्य सचिव ने अधिकारियों को स्क्रीनिंग जांच और अस्पतालों में तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। लोगों से सतर्क रहने और लक्षणों पर ध्यान देने की अपील की गई है। एशिया के कुछ देशों में कोरोना के केस फिर से बढ़ने लगे हैं। चीन, सिंगापुर, हांगकांग और थाईलैंड में संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसकी वजह है ओमिक्रॉन का नया वेरिएंट जेएन.1, जो बहुत जल्दी फैलता है और अब इसका असर दुनिया के कई हिस्सों में देखा जा रहा है। हालांकि राहत की बात ये है कि मरीजों में ज्यादा लक्षण नहीं देखे जा रहे हैं। कई राज्यों में कोरोना के मामले बढ़ने के बाद केंद्र सरकार ने राज्यों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। खांसी, जुकाम या बुखार जैसे लक्षणों वाले लोगों को बाहर जाने से बचने और टेस्ट कराने की सलाह दी गई है। साथ ही, मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन करने की सिफारिश की गई है।



