40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों के बीच डावर ने किया भारत का प्रतिनिधित्व

देहरादून, 9 सितंबर। उत्तराखंड बुनियादी ढांचा निगरानी परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डावर ने रूस के मॉस्को क्षेत्र स्थित प्रतिष्ठित पैट्रियट एक्सपो में आयोजित तीसरी अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस (ITC-2026) को संबोधित किया। 8 से 10 सितंबर तक आयोजित इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में दुनिया के विभिन्न देशों से प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों, नवोन्मेषकों, उद्यमियों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।
कांग्रेस में 40 से अधिक देशों के 800 से ज्यादा वक्ताओं एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान डीपटेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों, साइबर सुरक्षा, रोबोटिक्स, कंप्यूटिंग और भविष्य की तकनीकों के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार की संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।
तकनीकी नेतृत्व और वैश्विक सहयोग पर दिया जोर
अपने मुख्य संबोधन में विश्वास डावर ने तकनीकी नेतृत्व, सीमा-पार नवाचार और मजबूत वैश्विक प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि तकनीक की दुनिया तेजी से बदल रही है और ऐसे समय में देशों के बीच सहयोग, ज्ञान का आदान-प्रदान तथा नए विचारों को बढ़ावा देना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भविष्य की तकनीकों को केवल तकनीकी विकास तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वैश्विक विकास, आर्थिक प्रगति और समाज के व्यापक हितों से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए विभिन्न देशों के तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योगों, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थाओं के बीच मजबूत संवाद आवश्यक है।
भारत की तकनीकी क्षमता और भूमिका को किया रेखांकित
अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करने को विश्वास डावर ने गौरव का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रौद्योगिकी और नवाचार को लेकर होने वाली चर्चाओं में भारत की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि भारत तकनीकी नवाचार, डिजिटल क्षमताओं और नए स्टार्टअप इकोसिस्टम के क्षेत्र में लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वैश्विक मंचों पर भारत की भागीदारी से तकनीकी सहयोग और संभावित साझेदारियों के नए रास्ते खुल सकते हैं।
कई अत्याधुनिक तकनीकों पर हुआ मंथन
आईटीसी-2026 में स्मार्ट कंट्रोल सिस्टम, क्रॉस-डोमेन मानव रहित प्रणालियां, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटिंग एवं डेटा स्टोरेज, सर्विस रोबोट, औद्योगिक सॉफ्टवेयर, अंतरिक्ष अनुसंधान, दूरसंचार, उपग्रह और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
कांग्रेस में रूसी और अंतर्राष्ट्रीय डेवलपर्स तथा इंटीग्रेटर्स ने जटिल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विकसित किए जा रहे डिजिटल समाधानों को भी प्रदर्शित किया।
800 से अधिक वक्ताओं और 5 हजार से ज्यादा सी-लेवल प्रतिनिधियों की भागीदारी
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में 40 से अधिक देशों के 800 से ज्यादा वक्ताओं ने अंतर्राष्ट्रीय सूचना सुरक्षा, तकनीकी मानकों, श्रम उत्पादकता, स्टार्टअप विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर अपने विचार रखे।
इसके अलावा विभिन्न देशों के सरकारी निकायों, उद्योगों और व्यावसायिक संगठनों से जुड़े 5 हजार से अधिक सी-लेवल प्रतिनिधियों को व्यावसायिक बैठकों और संवाद के लिए आमंत्रित किया गया। इन बैठकों का उद्देश्य तकनीकी सहयोग और कारोबारी साझेदारी की संभावनाओं को आगे बढ़ाना रहा।
स्वायत्त प्रणालियों और यूरेशिया के तकनीकी भविष्य पर चर्चा
कांग्रेस में ‘यूरेशिया का प्रौद्योगिकी भविष्य : वैश्विक बाजारों में स्वायत्त प्रणालियां’ विषय पर विशेष पूर्ण सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें स्वायत्त तकनीकों के विकास, उनके वैश्विक बाजार में विस्तार और विभिन्न देशों के बीच तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिभागियों के लिए रूसी कंपनियों के साथ बी2बी बैठकों की भी व्यवस्था की गई। इन बैठकों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में संभावित तकनीकी एवं कारोबारी साझेदारियों को तलाशने का प्रयास किया गया।
रूस सरकार का आधिकारिक सहयोग
अंतर्राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कांग्रेस को रूसी संघ की सरकार, उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय तथा डिजिटल विकास, संचार एवं जनसंचार मंत्रालय की ओर से आधिकारिक सहयोग प्रदान किया गया। कांग्रेस की आयोजन समिति की अध्यक्षता रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार मंत्री एंटन अलीखानोव ने की।
यह आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी दशक (2022-2031) के तहत ‘विज्ञान और व्यवसाय’ पहल से भी जुड़ा हुआ है।
विश्वास डावर ने कांग्रेस के आयोजकों, साथी वक्ताओं, प्रतिनिधियों और अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी समुदाय का सार्थक संवाद एवं विचारों के आदान-प्रदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वैश्विक मंच तकनीकी क्षमताओं को साझा करने के साथ-साथ भविष्य के सहयोग और साझेदारियों के लिए नई संभावनाएं तैयार करते हैं।
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