देहरादून। जंक्शन शहर की यातायात व्यवस्था को निरंतर गतिमान रखने में मदद करते हैं, तो जाम का सबसे बड़ा कारण भी बनते हैं। ऐसी स्थिति तब आती है, जब वाहनों का दबाव उनकी डिजाइन क्षमता को पार कर जाता है। राजधानी दून में प्रमुख जंक्शनों पर उनकी डिजाइन क्षमता से छह गुना तक ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। शहर में चौतरफा बढ़ी आबादी के दबाव में इनका चौड़ीकरण भी एक सीमा से अधिक संभव नहीं। लिहाजा, चुनौतियों के पहाड़ पर खड़ी यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए एलिवेटेड रोड और रिंग रोड जैसे प्रोजेक्ट ही कारगर साबित होते हैं। राज्य सरकार की मशीनरी ने इस दिशा में कदम भी बढ़ाए हैं और वर्तमान में करीब 14 हजार करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए अलग-अलग स्तर और चरण में कार्य गतिमान है। यह बात और है कि हमारी मशीनरी का पूरा ध्यान एक्सप्रेसवे पर रहा और इसके शुरू होने तक एक भी बड़ी परियोजना शहर में शुरू नहीं हो पाई है।



