देहरादून। यह कहना अतिशोक्ति नहीं है कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चहेतों में एक हैं। प्रधानमंत्री का धामी के कार्यकाल में 17 बार उत्तराखंड का दौरा करना इस बात की पुष्टि करता है। पुष्कर सिंह धामी ने 4 जुलाई 2021 को उत्तराखंड की बागडोर संभाली थी और 8 नवंबर 2021 को केदारनाथ में बाबा केदार के दर्शन के बाद से प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के ताबड़तोड़ दौरे करने आरंभ कर दिए थे। पुष्कर कार्यकाल में प्रधानमंत्री 18वीं बार 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने आ रहे हैं और यहीं से प्रधानमंत्री उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करने के कार्य भी आरंभ करगें।
प्रधानमंत्री का 28वां दौरा 210 किलोमीटर लंबे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की सौगात के रूप में है। उम्मीद है कि इससे पर्यटन और व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री आरंभ से ही यह बात कहते हैं कि वह उत्तराखंड को केवल एक राज्य नहीं, बल्कि एक प्रमुख आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहते हैं। उन्होंने केदारनाथ, बद्रीनाथ और आदि कैलाश जैसे स्थलों के पुनर्विकास पर विशेष फोकस भी किया है। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना जैसी प्रमुख परियोजनाओं के माध्यम से प्रधानमंत्री ने यात्रा के समय को कम और कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाने के लिए लगातार प्रयास किया है। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर उत्तराखंड का नारा दिया और ’हाउस ऑफ हिमालयाज’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया। साथ ही राज्य सरकार की नीतियों, जैसे ’यूनिफॉर्म सिविल कोड’, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगा-विरोधी कानून की सराहना कर राज्य के जनसांख्यिकीय ढांचे को सुरक्षित रखने की बात कही। प्रधानमंत्री ने आरंभ से यह बात कही कि उत्तराखंड सामरिक महत्व है और सीमावर्ती राज्य होने के नाते, उत्तराखंड में बेहतर सड़कें और बुनियादी ढांचा सेना की आवाजाही के लिए भी विशेष महत्व रखता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस रफ्तार से उत्तराखंड के विकास को फोकस किया, इससे पहले किसी भी राजनेता ने नहीं किया और उन्होंने अपने अब तक के कार्यकाल में 28 बार इस पहाड़ी प्रदेश के ताबड़तोड़ दौरों से यह जतलाने का प्रयास किया है ि क वह उत्तराखंड को भाजपा के लिए एक ’मॉडल राज्य’ के रूप में पेश करना चाहते हैं। ऐसा राज्य जहां सरकार विकास और संस्कृति के मिश्रण पर काम कर रही है। उत्तराखंड में प्रधानमंत्री मोदी की यात्राओं ने हमेशा राज्य को बड़ी विकास परियोजनाओं (करोड़ों की सौगात) के साथ-साथ एक सुदृढ़ राजनीतिक संदेश देने का कार्य भी किया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद वह पांच बार केदारनाथ की यात्रा कर चुके हैं, साथ ही बद्रीनाथ ओर मुखबा का भी दौरा कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखंड के लिए तीर्थाटन- पर्यटन के ब्रांड अम्बेसडर भी साबित हुए हैं। यहां तक कि प्राकृतिक आपदाओं के चलते केदारनाथ धाम की यात्रा प्रभावित हुई तो पीएम मोदी ने केदार धाम पहुंचकर सुरक्षित चारधाम यात्रा का संदेश देश दुनिया को दिया। बदरी-केदार ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश में गए तो उसके बाद से वहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। प्रधानमंत्री ने फिर बीते वर्ष मार्च में उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर शीतकालीन यात्रा का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के साथ ही देश के पहला वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज संयंत्र का भी लोकार्पण भी करने जा रहे हैं। यह संयंत्र, भारत की ऊर्जा यात्रा में मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। इस सयंत्र से कुल 1000 मेगावाट, उत्पादन क्षमता के इस प्लांट का निर्माण टीएचडीसी ने 2400 मेगावाट क्षमता के टिहरी हाईड्रो पावर काम्पलेक्स के क्रम में किया है, जो टिहरी हाईड्रो प्रोजेकट के ऊपरी और निचले जलाशयों के बीच अतिरिक्त विद्वुत उत्पादन करेगा । इस संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उत्तराखंड में अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। दो लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की विकास योजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। प्रधानमंत्री का उनके साथ विशेष लगाव होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से कर्म और मर्म का रिश्ता रहा है। उत्तराखंड उनके हृदय में बसता है। उनके दौरे को लेकर देवभूमि वासियों में भारी उत्साह है। प्रधानमंत्री उत्तराखंड को रोल मॉडल बनाना चाहते हैं और हमेशा ही उत्तराखंड के चौतरफा विकास को लेकर बातें करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कहना है कि उनको इस बात का गर्व है कि उनको एक युग पुरूष के नेतृत्व में जनता की सेवा करने का अवसर मिला है।



