इस अवसर पर उत्तराखंड अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्री अशोक वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने बताया कि इस वर्ष कॉन्फ्रेंस में लोकसभा, संयुक्त राष्ट्र महासभा, अखिल भारतीय राजनीतिक दल और अंतरराष्ट्रीय व भारतीय मीडिया जैसे विभिन्न मंचों का गठन किया गया है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है, जिनमें लोकसभा में संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 की समीक्षा, संघवाद, निष्पक्षता की अवधारणा और संवैधानिक नैतिकता पर विशेष जोर शामिल है। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासभा में पश्चिम एशिया के संघर्ष से उत्पन्न आर्थिक अस्थिरता और ऊर्जा संकट को कम करने पर विचार-विमर्श हो रहा है। इसके अलावा, अखिल भारतीय राजनीतिक दलों की बैठक में “विकसित भारत 2047” योजना की समीक्षा और युवाओं के लिए शिक्षा व रोजगार के बीच की दूरी को कम करने हेतु स्किल इंडिया 2.0 पहल का मूल्यांकन भी किया जा रहा है।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री अशोक वर्मा ने कहा कि भारत का लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और देश की संसद उसका मंदिर है। उन्होंने युवाओं की सक्रिय भागीदारी को भविष्य की स्वस्थ राजनीति का संकेत बताया और अपने अनुभव भी साझा किए।
कार्यक्रम में पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे युवाओं का उत्साह देखने लायक था। सभी प्रतिभागियों ने अपने-अपने किरदारों का प्रभावशाली ढंग से प्रतिनिधित्व किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कार्यकारी निदेशक डॉ. अभिषेक जोशी, प्रो. भावना अरोड़ा, कार्तिक चमोला, अपूर्वा शुक्ला, ईशा शर्मा, शिवम गर्ग, प्रियांश भारद्वाज, हर्षवर्धन द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



