
उत्तराखण्ड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) एवं पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखण्ड लिमिटेड (पिटकुल) के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा वर्षों से लंबित विभिन्न तकनीकी एवं प्रशासनिक विषयों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से आज एक महत्वपूर्ण संयुक्त समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता दोनों निगमों के प्रबंध निदेशक श्री पीसी ध्यानी ने की।
श्री पी.सी. ध्यानी की इस अभिनव पहल के अन्तर्गत पहली बार दोनों निगमों के सभी सम्बंधित मुख्य अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं एवं वरिष्ठ अधिकारियों को एक साझा मंच पर आमंत्रित किया गया, जहां विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा अनेक मामलों का समाधान बैठक के दौरान ही सुनिश्चित किया गया।
बैठक में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से सम्बंधित विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इनमें भूमि एवं परिसंपत्तियो के हस्तांतरण एवं सीमांकन, ट्रासमिशन एव वितरण नेटवर्क के बेहतर समन्वय, 220 केवी एवं 132 केवी उपकेंद्रों के सुदृढ़ीकरण, नई ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता विकसित करने, विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ाने, बढ़ते विद्युत भार के अनुरूप नेटवर्क विस्तार, ऊर्जा लेखांकन, स्मार्ट मीटरिंग, मीटर डेटा साझाकरण, रिले समन्वय, नए बे (Bay) निर्माण, कॉम्पैक्ट सब-स्टेशन हेतु भूमि उपलब्धता तथा आगामी परियोजनाओं के क्रियान्वयन जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं पर विभागवार समीक्षा की गई तथा जिन विषयों का तत्काल समाधान सम्भव था, उन पर मौके पर ही निर्णय लिए गए। शेष मामलों के लिए सम्बंधित अधिकारियों को स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रबंध निदेशक श्री पी.सी. ध्यानी ने कहा कि यूपीसीएल एवं पिटकुल राज्य की विद्युत व्यवस्था के दो महत्वपूर्ण स्तंभ है। दोनों निगमों के बीच प्रभावी समन्वय से न केवल परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता, विश्वसनीयता एवं उपभोक्ता सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर किसी भी विषय को अनावश्यक रूप से लम्बत रखने की प्रवृत्ति समाप्त करते हुए संवाद एवं समन्वय के माध्यम से त्वरित निर्णय सुनिश्चित किए जाएं।
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उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भविष्य में भी इस प्रकार की संयुक्त समन्वय बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं, जिससे विभिन्न स्तरों पर उत्पन्न होने वाली समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो सके तथा दोनों निगमों के बीच कार्य संस्कृति और अधिक मजबूत हो।
बैठक में अधिकारियों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे एक ऐतिहासिक एवं परिणामोन्मुख पहल बताया। उनका कहना था कि पहली बार सभी सम्बंधित अधिकारी एक ही मंच पर बैठकर विषयवार चर्चा कर रहे है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनी है।
इस अवसर पर भूमि संबंधी प्रकरणों, विद्युत अवसंरचना के विकास, ट्रांसमिशन एवं वितरण नेटवर्क के समन्वय, भविष्य की लोड आवश्यकताओं, ऊर्जा प्रबंधन तथा उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु दोनों निगमों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की गई।


