बेंगलुरु में Indian Conference of Intellectuals की ओर से “Judicial Responsibility in Protection of Human Rights and Promotion of Peace & Justice” विषय पर सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में न्यायपालिका की भूमिका, मानवाधिकारों की सुरक्षा और शांति एवं न्याय को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय और भारतीय न्यायपालिका से जुड़े कई प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ), हेग के जज लियोनार्डो ब्रांट, संयुक्त राष्ट्र आंतरिक न्याय परिषद के चेयरपर्सन एवं पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस मदन बी. लोकुर, कर्नाटक हाईकोर्ट के जज जस्टिस ई.एस. इंदीरेश, तेलंगाना हाईकोर्ट के जज जस्टिस नागेश भीमपाका सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल रहे।
सम्मेलन में कर्नाटक विधान परिषद के सभापति सलीम अहमद, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज जस्टिस विशाल मिश्रा, Indian Conference of Intellectuals के अध्यक्ष जस्टिस राजेश टंडन, जस्टिस चिल्लाकुर सुमा, वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. जी.वी. राव और ICC के महासचिव के.एम. शंकरा समेत कई विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था के माध्यम से मानवाधिकारों की रक्षा, सामाजिक शांति और न्याय की स्थापना को मजबूत करने पर विचार-विमर्श करना रहा।



