दर्द के पैमाने सूखी दरिया मे छलकने चाहिए।
हर घर मे खुशियो के दीप चमकने चाहिए।
महंगे न हो ख्वाब आंखो मे सजाने चाहिए।
हुनर के नजारे सबको दिखाने चाहिए।
नदी के किनारे की गहराई नाप लेनी चाहिए।
हर सफल इंसान से भी सीख लेनी चाहिए।
अब धर्म के पाखंड को नकार देना चाहिए।
जो भक्त सच्चा हो उसे प्यार देना चाहिए।
जल्दी ही किसी अंजाम पर न जाना चाहिए।
राह कोई भटक जाये तो मार्ग दिखाना चाहिए।
फल लदे पेड़ो पर न पत्थर मारना चाहिए।
कमजोर कोई हो अगर तो हार जाना चाहिए।
अपने घर के चौके को रोज सजाना चाहिए।
माँ पिता की छाव मे आराम करना चाहिए।
मस्त हवा के झोको सा संग लहराना चाहिए।
प्राण देकर भी देश की शान बढाना चाहिए।
अनीता चमोली “अनू”
देहरादून (उत्तराखंड)
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