
विकासनगर। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को जौनसार-बावर क्षेत्र में टोंस नदी के पूर्वी तट पर स्थित हनोल मंदिर (महासू देवता मंदिर) में पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने दो दिवसीय पारंपरिक एवं धार्मिक जागड़ा (देवनायणी) राजकीय मेला का विधिवत शुभारंभ किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के प्रयासों से श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हनोल में आयोजित जागड़ा पर्व को राजकीय मेले का दर्जा दिया गया है। साथ ही केदारनाथ और बद्रीनाथ की तर्ज पर 120 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान तैयार कर महासू देवता मंदिर परिसर के विकास कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं।
हनोल में हर वर्ष सितंबर माह में आयोजित होने वाला जागड़ा मेला जौनसार-बावर समेत आसपास के पहाड़ी क्षेत्रों का प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्व है। मेले के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में महासू देवता को ‘शूल’ (हरियाली) चढ़ाई जाती है। श्रद्धालु पूरी रात जागकर पारंपरिक देवगीतों और लोकनृत्यों के साथ महासू महाराज की आराधना करते हैं।
मेले में उत्तराखंड के साथ हिमाचल प्रदेश के शिमला, सिरमौर और आसपास की घाटियों से भी हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।



