इछाड़ी बांध का भी किया गया स्थलीय निरीक्षण

बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (National Dam Safety Authority–NDSA) की उत्तरी क्षेत्रीय समीक्षा बैठक देहरादून, उत्तराखंड में आयोजित की गई। यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह की विशेष पहल पर इस महत्वपूर्ण क्षेत्रीय गोष्ठी का आयोजन देहरादून में किया गया। बैठक में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश कश्यप की अध्यक्षता में बांध सुरक्षा से जुड़े वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन, अब तक हुई प्रगति तथा विभिन्न स्तरों पर आ रही चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विश्व बैंक के अधिकारियों सहित विभिन्न राज्यों, केंद्रीय जल आयोग (CWC), केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा निजी बांध स्वामी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक परिचालन श्री जी.एस. बुदियाल ने निगम द्वारा बांध सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों तथा इस दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में बांधों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और निगम इस दिशा में पूरी गंभीरता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री राकेश कश्यप ने विभिन्न राज्यों एवं विभागों के प्रतिनिधियों से अधिनियम के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त की तथा उनके समक्ष आ रही चुनौतियों एवं समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य बांध सुरक्षा से जुड़े हितधारक राज्यों एवं विभागों को आवश्यक मार्गदर्शन, जानकारी और सहायता उपलब्ध कराना है। बैठक में प्राधिकरण के सदस्य श्री प्रमोद नारायण एवं श्री राकेश टूटेजा ने भी अपने विचार रखे।
बैठक में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा एवं जम्मू-कश्मीर सहित उत्तरी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के राज्य बांध सुरक्षा संगठनों के अधिकारियों ने भाग लिया। यूजेवीएन लिमिटेड की ओर से निदेशक परिचालन श्री जी.एस. बुदियाल, अधिशासी निदेशक श्री संजय पटेल, महाप्रबंधक श्री पंकज अग्रवाल, श्री प्रवीन जौहरी एवं श्री धीरज गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त पांच केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों तथा दस निजी बांध स्वामी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया।
बैठक के दौरान एनडीएसए ने बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इसमें अधिनियम के प्रमुख वैधानिक प्रावधानों, उनके अनुपालन में हुई प्रगति तथा बांध स्वामियों और संबंधित राज्य प्राधिकरणों द्वारा त्वरित कार्रवाई किए जाने वाले विषयों पर प्रकाश डाला गया।
सभी निर्दिष्ट बांधों के व्यापक बांध सुरक्षा मूल्यांकन, जोखिम आकलन अध्ययन तथा आपातकालीन कार्ययोजना तैयार करने एवं उन्हें पूर्ण करने की प्रक्रिया में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही, राज्य बांध सुरक्षा संगठनों को सुदृढ़ बनाने, प्रभावी प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (Early Warning System) स्थापित करने तथा बांध सुरक्षा से संबंधित कार्यों के लिए पर्याप्त बजट सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
उत्तराखंड की राज्य बांध सुरक्षा समिति (SCDS) ने अधिनियम के क्रियान्वयन के दौरान सामने आ रही चुनौतियों एवं व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराया। वहीं, टीएचडीसी ने अगस्त 2026 में विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की सुरंग में हुई घटना से संबंधित निष्कर्षों एवं उससे प्राप्त सीख पर प्रस्तुतीकरण दिया। एनएचपीसी ने चमेरा-तृतीय बांध जलाशय के लिए अंतर्वाह पूर्वानुमान प्रणाली (Inflow Forecasting System) के विकास तथा जेएसडब्ल्यू नियो एनर्जी लिमिटेड (JSW Neo Energy Ltd.) ने हिमाचल प्रदेश स्थित टिडोंग-प्रथम बांध में प्रारंभिक जलभराव की तैयारियों से संबंधित तकनीकी प्रस्तुतियां दीं।
बैठक में राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण, राज्य सरकारों, बांध स्वामी संस्थाओं तथा अन्य संबंधित हितधारकों के बीच समन्वय मजबूत करने और अधिनियम के प्रावधानों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
इछाड़ी बांध का स्थलीय निरीक्षण
क्षेत्रीय समीक्षा बैठक के अंतर्गत राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण की टीम ने टौंस नदी पर स्थित यूजेवीएन लिमिटेड के इछाड़ी बांध का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इस दौरान टीम ने बांध की विभिन्न संरचनाओं की स्थिति, संचालन व्यवस्था तथा सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान यूजेवीएन लिमिटेड के अधिशासी निदेशक श्री संजय पटेल, महाप्रबंधक श्री इंद्रमोहन करासी, उपमहाप्रबंधक श्री हेमंत श्रीवास्तव एवं अधिशासी अभियंता श्री यशपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारियों ने प्राधिकरण की टीम को बांध के संचालन, सुरक्षा संबंधी कार्यों तथा व्यावहारिक चुनौतियों से अवगत कराया।
बांध सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह ने कहा कि बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021 का प्रमुख उद्देश्य बांधों की नियमित निगरानी, निरीक्षण, रखरखाव एवं समय पर मरम्मत के माध्यम से संभावित दुर्घटनाओं को रोकना तथा जनजीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि उनकी विशेष पहल पर देहरादून में आयोजित यह क्षेत्रीय समीक्षा बैठक उत्तरी क्षेत्र में बांध सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, संभावित जोखिमों का समय रहते आकलन करने तथा बांधों की सुरक्षा एवं आपदा-रोधी क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इस प्रकार के आयोजन विभिन्न राज्यों, केंद्रीय संस्थानों, बांध स्वामियों एवं अंतरराष्ट्रीय सहयोगी संस्थाओं के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय को बढ़ावा देते हैं।




