उत्तराखण्ड में ग्रामोत्थान परियोजना ग्रामीण युवाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है। इसका प्रेरक उदाहरण पिथौरागढ़ जनपद के छेड़ा गांव के युवा मुकेश पाटनी बने हैं, जिन्होंने इस योजना का लाभ उठाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है।
यह परियोजना न केवल युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है, बल्कि पलायन रोकने और गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



