देहरादून। गीता धामी ने नई दिल्ली में विश्वमांगल्य सभा द्वारा आयोजित ‘युगानुकूल मातृत्व’ विषयक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मातृत्व, भारतीय परिवार व्यवस्था और राष्ट्र निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका पर अपने विचार रखे।

गीता धामी ने कार्यक्रम के अनुभव साझा करते हुए कहा कि डॉ. भागवत ने अपने संबोधन में संस्कारित परिवारों को सशक्त समाज और समर्थ राष्ट्र की नींव बताया। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में मातृत्व के महत्व और भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण में मातृशक्ति की केंद्रीय भूमिका पर भी प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान परिवार व्यवस्था को मजबूत बनाने, भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण और वर्तमान समय की चुनौतियों के अनुरूप संस्कारित एवं सक्षम पीढ़ी तैयार करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से आईं महिलाओं, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों ने इसमें सहभागिता की।
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