72 मेगावाट क्षमता की परियोजना से प्रतिवर्ष 29.85 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान
देहरादून। उत्तराखंड की जल विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। यूजेवीएन लिमिटेड की 72 मेगावाट क्षमता वाली त्यूणी-प्लासू जल विद्युत परियोजना को भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से अंतिम वन स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही देहरादून जिले की त्यूणी तहसील में टौंस नदी पर प्रस्तावित परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
परियोजना से प्रतिवर्ष लगभग 298.51 मिलियन यूनिट यानी 29.85 करोड़ यूनिट बिजली उत्पादन का अनुमान है। इससे प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परियोजना को अंतिम वन स्वीकृति मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उत्तराखंड को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में जल विद्युत उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं और सरकार पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए इनका बेहतर उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रही है। त्यूणी-प्लासू परियोजना के पूरा होने से राज्य की विद्युत उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। साथ ही जल संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने और ऊर्जा क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।
यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने कहा कि परियोजना को अंतिम वन स्वीकृति मिलना लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम है। इससे निर्माण संबंधी कार्यों को आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी। निगम सभी आवश्यक वैधानिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने इस उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और दिशा-निर्देशों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम और प्रमुख सचिव वन एवं पर्यावरण आर.के. सुधांशु का भी सहयोग के लिए आभार जताया।
अजय कुमार सिंह ने कहा कि शासन स्तर पर निरंतर समन्वय और सहयोग से परियोजना को यह महत्वपूर्ण स्वीकृति मिल सकी है। उत्तराखंड के जल संसाधनों का पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखते हुए उपयोग करना राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड नई जल विद्युत परियोजनाओं के विकास और निर्माणाधीन परियोजनाओं को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। त्यूणी-प्लासू परियोजना के पूरा होने से प्रदेश को अतिरिक्त स्वच्छ बिजली उपलब्ध होगी और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।




