देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के विधि विभाग में नए शैक्षणिक सत्र के तहत दीक्षारंभ (इंडक्शन) कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश टंडन ने कहा कि “कानून का डर नहीं, बल्कि कानून का सम्मान होना चाहिए।” उन्होंने विद्यार्थियों से कानून के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपनाने का आह्वान किया।
विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. आर.के. त्रिपाठी ने कहा कि आज के विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और अनुशासन व उत्कृष्ट शिक्षा ही उनकी सफलता की कुंजी है। विधि विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार दीक्षित ने दीक्षारंभ कार्यक्रम के उद्देश्य बताते हुए कहा कि इससे नए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, नियमों, सुविधाओं और परिसर से परिचित कराया जाता है।
कार्यक्रम में छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा प्रणाली, लाइब्रेरी, लैब, खेल एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी दी गई। विभिन्न राज्यों से आए नवप्रवेशित विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। अंत में विभागाध्यक्ष प्रो. गौरव त्यागी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।



