विजय शंखनाद रैली में कांग्रेस अध्यक्ष का बड़ा दावा—सरकार बनी तो भर्ती प्रक्रिया होगी पारदर्शी, युवाओं को मिलेगा निष्पक्ष रोजगार का अवसर
हल्द्वानी। उत्तराखंड की सियासत में हल्द्वानी की विजय शंखनाद रैली के मंच से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। अपने संबोधन में खड़गे ने रोजगार, भर्ती व्यवस्था, संविधान और स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस की भूमिका को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए भाजपा पर कई सवाल खड़े किए।
युवाओं के रोजगार पर फोकस
खड़गे ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर युवाओं के लिए ऐसी भर्ती व्यवस्था लागू की जाएगी, जिसमें पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि नौकरी पाने के लिए युवाओं को किसी तरह की सिफारिश या राजनीतिक प्रभाव पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने रोजगार को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए कहा कि सरकारी भर्तियों में स्पष्ट और निष्पक्ष प्रक्रिया जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर भर्ती व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
आजादी के आंदोलन को लेकर भाजपा-आरएसएस पर निशाना
रैली के दौरान खड़गे ने स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का हवाला देते हुए भाजपा और आरएसएस पर सवाल उठाए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि भाजपा या आरएसएस से जुड़े ऐसे नेता का नाम बताया जाए, जिसने देश की आजादी के लिए जेल की सजा काटी हो।
खड़गे ने कहा कि कांग्रेस का स्वतंत्रता आंदोलन से पुराना और व्यापक जुड़ाव रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी की लड़ाई के दौरान भाजपा की विचारधारा से जुड़े लोगों की भूमिका कांग्रेस के मुकाबले अलग रही थी।
संविधान बना राजनीतिक हमले का केंद्र
अपने भाषण में खड़गे ने संविधान को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए कांग्रेस लगातार आवाज उठाती रही है।
खड़गे ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की मूल भावना के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कांग्रेस को संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध बताते हुए कार्यकर्ताओं से जनता के बीच इन मुद्दों को मजबूती से उठाने का आह्वान किया।
हल्द्वानी की रैली से कांग्रेस का सियासी संदेश
विजय शंखनाद रैली में रोजगार और संविधान के मुद्दों को प्रमुखता देकर कांग्रेस ने प्रदेश की राजनीति में अपना एजेंडा स्पष्ट करने की कोशिश की। खड़गे के निशाने पर भाजपा के साथ-साथ आरएसएस भी रहा। उनके संबोधन में एक तरफ युवाओं के रोजगार का मुद्दा प्रमुख रहा तो दूसरी ओर स्वतंत्रता आंदोलन और संविधान को लेकर कांग्रेस की राजनीतिक विरासत को सामने रखा गया।
हल्द्वानी की इस रैली के जरिए कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि आगामी राजनीतिक लड़ाई में रोजगार, भर्ती में पारदर्शिता, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकार उसके प्रमुख मुद्दे रहेंगे।



