देहरादून। वन उपज के अवैध भंडारण और व्यापार पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने हरिद्वार और ऋषिकेश स्थित पंजीकृत लीसा इकाइयों में संयुक्त औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान भगवानपुर (हरिद्वार) स्थित एक लीसा डिपो में आवश्यक अभिलेख नहीं मिलने पर उसे सीज कर जांच शुरू कर दी गई, जबकि लालतप्पड़ (ऋषिकेश) स्थित एक अन्य इकाई में सभी दस्तावेज सही पाए गए।
उप प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. उदय नंद गौड़ के नेतृत्व में भगवानपुर स्थित डिपो के निरीक्षण में स्टॉक रजिस्टर, क्रय-विक्रय अभिलेख और परिवहन दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जा सके। इसके चलते वहां रखी वन उपज का सत्यापन संभव नहीं हो पाया और प्रतिष्ठान को अग्रिम आदेश तक सीज कर दिया गया। इकाई संचालक को आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्वाला प्रसाद के नेतृत्व में लालतप्पड़ स्थित जय भारत रोज़िन एंड केमिकल्स प्रोडक्ट्स का निरीक्षण किया गया, जहां वन उपज और अभिलेखों की जांच में कोई अनियमितता नहीं मिली।
प्रभागीय वनाधिकारी नीरज शर्मा और स्वपनिल अनिरुद्ध ने कहा कि वन उपज के भंडारण, परिवहन और व्यापार से जुड़े सभी प्रतिष्ठानों को नियमानुसार अभिलेख रखना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।



