
नए विकसित भारत की आन-बान-शान,
प्रगति पथ पर उत्तराखंड बना पहचान।
नए विचार, नई दिशा, नया स्वरूप,
आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ता अनूप।
तकनीक और कौशल से, गढ़ते नए प्रतिमान,
सड़कों के जाल से जुड़ता, हर गाँव और संस्थान।
होम-स्टे की महक से, घर-घर में उल्लास है,
हर पहाड़ की चोटी पर, अब सुगम निवास है।”
विरासत पर गर्व, विकास का विस्तार,
संवरता हर सपना, सशक्त आधार।
गूँजायमान हो “वोकल फॉर लोकल” का नाद,
उभरता राज्य उत्तराखंड का, विश्व ने चखा स्वाद
संस्कृति, श्रम और स्वाभिमान से, कदम सधे
पर्वतों सा अडिग, साहस के आलोक से, समृद्धि बढ़े
युवा शक्ति के हाथों में, अब आधुनिक कमान है,
स्मार्ट उत्तराखंड का लक्ष्य लिए, बढ़ता अपना देवस्थान है।
रजत जयंती से स्वर्ण काल तक, ऐसा मार्ग सजाएँगे,
हमारा उत्तराखंड पूरे विश्व में, सिरमौर कहलायेंगा”
जय उत्तराखंड, शौर्य की पहचान,
जय भारत, प्रगति की नई उड़ान
शिखा अग्रवाल
देहरादून




