देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर बड़ी कार्रवाई की। प्राधिकरण की टीम ने डोईवाला के फतेहपुर माजरीग्रांट में करीब 13 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि देहराखास में पथरी बाग चौक के निकट बिना स्वीकृत मानचित्र के बनाए जा रहे व्यावसायिक निर्माण को सील कर दिया।
प्राधिकरण के अनुसार, देहराखास में मयंक डोभाल की ओर से बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। शिकायत मिलने और निरीक्षण के बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण को सील करने की कार्रवाई की। वहीं, डोईवाला क्षेत्र के फतेहपुर माजरीग्रांट में राजेश पंत एवं अन्य द्वारा करीब 13 बीघा भूमि पर बिना आवश्यक अनुमति के प्लॉटिंग की जा रही थी। इस पर प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
दोनों स्थानों पर की गई कार्रवाई संबंधित सेक्टरों के सहायक अभियंताओं, अवर अभियंताओं, सुपरवाइजर और पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई।
नियोजित विकास से समझौता नहीं: बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच नियोजित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक निर्माण का निर्धारित नियमों और स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप होना जरूरी है। बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक निर्माण और बिना अनुमति भूमि पर प्लॉटिंग करना शहर की नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में पारदर्शी और सुव्यवस्थित विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। एमडीडीए का उद्देश्य केवल अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि भविष्य में शहर के अनियोजित विस्तार को रोकना भी है।
तिवारी ने आम लोगों से अपील की कि जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि की स्थिति, स्वीकृत लेआउट और प्राधिकरण की अनुमति की जांच अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।
अवैध प्लॉटिंग पर लगातार रखी जा रही नजर: मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों पर नियमित निगरानी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों पर नजर रखने और बिना स्वीकृति निर्माण या प्लॉटिंग की जानकारी मिलने पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि फतेहपुर माजरीग्रांट में करीब 13 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण और देहराखास में अनधिकृत व्यावसायिक निर्माण को सील करने की कार्रवाई इसी अभियान का हिस्सा है।
सचिव ने आमजन से अपील की कि प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना विकसित किए जा रहे भूखंडों में निवेश करने से बचें और किसी भी प्रकार का निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र स्वीकृति जरूर प्राप्त करें। एमडीडीए की ओर से अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ प्रवर्तन अभियान आगे भी जारी रहेगा।




