प्रवासी उत्तराखण्डियों से सार्थक संवाद पर जोर, राज्य के विकास में उनके अनुभवों और सुझावों का लिया जाएगा लाभ
युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण स्वरूप में आयोजित होगा सम्मेलन, प्रचार-प्रसार से लेकर अतिथियों के आवागमन व ठहरने तक की व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश
देहरादून, 14 अक्टूबर। उत्तराखण्ड में प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य के विकास से जोड़ने और उनके अनुभवों व सुझावों का लाभ लेने के उद्देश्य से तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन-2026 के आयोजन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। आगामी 13 नवंबर को देहरादून स्थित दून विश्वविद्यालय के नित्यानंद ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुरूप, युवा-केंद्रित और नवाचारपूर्ण स्वरूप देने की तैयारी है। इसी क्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में गठित समिति की बैठक हुई, जिसमें आयोजन की रूपरेखा, प्रवासियों की सहभागिता और व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे प्रवासी उत्तराखण्डियों और राज्य सरकार के बीच सार्थक संवाद का प्रभावी मंच बनाया जाए। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों और शहरों में रहकर शिक्षा, उद्योग, कारोबार, तकनीक, चिकित्सा तथा अन्य क्षेत्रों में योगदान दे रहे प्रवासी उत्तराखण्डियों को चिह्नित कर सम्मेलन में आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासियों के अनुभव, विशेषज्ञता और सुझाव राज्य के विकास के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। इसलिए उनके साथ संवाद स्थापित कर उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
एक सप्ताह में तैयार होगी सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा
बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि तृतीय प्रवासी उत्तराखण्डी दिवस सम्मेलन के लिए पंजीकरण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सम्मेलन की विस्तृत रूपरेखा अंतिम रूप से तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, तैयारियों की प्रगति से संबंधित अपडेट तीन से चार दिनों के भीतर उपलब्ध कराने को कहा, ताकि आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा की जा सके और किसी भी स्तर पर देरी न हो।
मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए होगा व्यापक प्रचार-प्रसार
सम्मेलन में अधिक से अधिक प्रवासी उत्तराखण्डियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए। प्रमुख सचिव ने मीडिया, विज्ञापन, होर्डिंग्स और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से सम्मेलन की जानकारी विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाने को कहा। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर आमंत्रित किए जाने वाले अतिथियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार करने और आमंत्रण प्रक्रिया को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्मेलन में शामिल होने वाले अतिथियों के आवागमन, परिवहन, वाहनों, ठहरने और भोजन की व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं। उद्घाटन सत्र, विभिन्न विषयगत सत्रों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियों को भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने को कहा गया।
राज्य की विकास योजनाओं पर आधारित लघु फिल्में होंगी प्रदर्शित
आयोजन स्थल पर साफ-सफाई, पहुंच मार्गों की व्यवस्था और सुचारु परिवहन को लेकर भी प्रमुख सचिव ने आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में शामिल होने वाले अतिथियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
सम्मेलन के दौरान राज्य सरकार के विकास कार्यों, विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर आधारित लघु फिल्मों का प्रसारण भी किया जाएगा। इसके माध्यम से प्रवासी उत्तराखण्डियों को राज्य में हो रहे विकास कार्यों और विभिन्न क्षेत्रों में संचालित पहलों की जानकारी दी जाएगी। प्रमुख सचिव ने इन व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों को पत्र जारी कर आवश्यक तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए।
बैठक में सचिव शैलेश बगोली, विनोद कुमार सुमन, सी. रविशंकर, राजेंद्र कुमार, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह, उत्तराखण्ड प्रवासी प्रकोष्ठ के सदस्य सुधीर चन्द्र नौटियाल, उपनिदेशक सूचना बद्री चंद सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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