देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में ‘मड, इंडिगो एंड टाइम: द आर्ट ऑफ अज्रख’ विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। फैशन डिजाइन विभाग ने FICCI FLO उत्तराखंड और ट्रेनिंग पार्टनर Shawl Story के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में विद्यार्थियों को अज्रख प्रिंटिंग की समृद्ध विरासत, पारंपरिक तकनीकों और इसकी कलात्मक विशेषताओं से रूबरू कराया।

कार्यशाला में भुज, गुजरात के 11वीं पीढ़ी के अज्रख कलाकार वसीफ खत्री ने विद्यार्थियों को अज्रख कला की पारंपरिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देते हुए मिट्टी, प्राकृतिक रंगों और इंडिगो के प्रयोग से अज्रख प्रिंट तैयार करने की प्रक्रिया समझाई।

कार्यक्रम का समन्वय SOMC की प्रोफेसर डॉ. नेहा चोक्सी ने किया। कार्यशाला का उद्घाटन DBUU की प्रो-वाइस चांसलर डॉ. रितिका मेहरा, FICCI FLO उत्तराखंड की चेयरपर्सन तृप्ति बहल तथा FLO उत्तराखंड की टेक्सटाइल लीड और Shawl Story की प्रमोटर लुबना मिर्जा ने किया।
कार्यशाला में देहरादून के साथ-साथ मथुरा, रायबरेली, लखनऊ और नोएडा से आए कुल 46 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक भारतीय वस्त्र कला से जोड़ने के साथ-साथ अज्रख जैसी सदियों पुरानी हस्तशिल्प परंपरा को व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से समझाना रहा।




