द्विवार्षिक निर्वाचन में सर्वसम्मति से गठित हुई प्रदेश कार्यकारिणी, कर्मचारियों के अधिकारों, सेवा संबंधी समस्याओं और लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प
देहरादून, 14 अक्टूबर 2026। उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ के प्रांतीय द्विवार्षिक निर्वाचन में नन्दलाल जोशी को एक बार फिर निर्विरोध प्रदेश महामंत्री निर्वाचित किया गया है। उनके पुनः निर्विरोध निर्वाचन से संगठन से जुड़े कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। कर्मचारियों ने उनके प्रति विश्वास व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में संघ कर्मचारियों के हितों की रक्षा, लंबित मांगों के निस्तारण और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए पहले की तरह प्रभावी भूमिका निभाएगा। निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान आपसी सहमति और सर्वसम्मति से प्रदेश कार्यकारिणी का गठन भी किया गया।
उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ, उत्तराखण्ड प्रदेश की प्रांतीय कार्यसमिति का द्विवार्षिक निर्वाचन बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ। निर्वाचन प्रक्रिया में संगठन के सदस्यों ने सहभागिता करते हुए आपसी एकजुटता और सहमति के आधार पर नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया। इस दौरान संगठन की मजबूती, कर्मचारियों के हितों की पैरवी और उनकी समस्याओं को संबंधित अधिकारियों एवं प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
निर्वाचन प्रक्रिया श्री सूर्यप्रकाश राणाकोटी, प्रदेश अध्यक्ष, राज्य निगम कर्मचारी महासंघ, उत्तराखण्ड प्रदेश; श्री अजयकान्त शर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष, भारतीय मजदूर संघ; श्री प्रेम सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष, वन विकास निगम तथा श्री रमेश नेगी के संयुक्त मार्गदर्शन में संपन्न हुई। निर्वाचन अधिकारियों की देखरेख में पूरी प्रक्रिया आपसी सहमति और सर्वसम्मति के आधार पर पूरी की गई।
कर्मचारियों के विश्वास पर खरे उतरने का प्रयास करेंगे नन्दलाल जोशी
प्रदेश महामंत्री के पद पर नन्दलाल जोशी का दोबारा निर्विरोध निर्वाचित होना संगठन में उनके प्रति कर्मचारियों के विश्वास और स्वीकार्यता को दर्शाता है। उनके पुनर्निर्वाचन को कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों को निरंतरता के साथ आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुनः निर्वाचित होने के बाद नन्दलाल जोशी ने सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने जिस विश्वास और समर्थन के साथ उन्हें दोबारा यह जिम्मेदारी सौंपी है, उस पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता रहेगी। वह संगठन के माध्यम से कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को संबंधित अधिकारियों और जल संस्थान प्रबंधन के समक्ष मजबूती से उठाने तथा उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
उन्होंने संगठन की एकजुटता को उसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। संगठन तभी प्रभावी ढंग से कार्य कर सकता है, जब कर्मचारी एकजुट होकर अपनी समस्याओं और मांगों को सामने रखें। इसी भावना के साथ कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, सेवा संबंधी विषयों के निस्तारण और लंबित प्रकरणों के समाधान के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे।
कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को प्रबंधन के समक्ष उठाने पर जोर
जल संस्थान कर्मचारी संघ के सामने कर्मचारियों की विभिन्न सेवा संबंधी समस्याओं, अधिकारों की रक्षा और लंबित मांगों के समाधान जैसे विषय महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में संगठन की भूमिका कर्मचारियों और विभागीय प्रबंधन के बीच प्रभावी संवाद स्थापित करने की भी है।
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ संघ ने कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को संगठित तरीके से उठाने और उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। संगठन की प्राथमिकता कर्मचारियों की समस्याओं को उचित मंच पर प्रस्तुत करना, संबंधित अधिकारियों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित करना और नियमानुसार समाधान की दिशा में प्रयास करना रहेगा।
कर्मचारियों की अपेक्षा है कि संघ उनके हितों से जुड़े मामलों को गंभीरता से उठाएगा और प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर समस्याओं के निस्तारण का प्रयास करेगा। इसके साथ ही संगठन की आंतरिक एकजुटता बनाए रखना और कर्मचारियों की आवाज को प्रभावी ढंग से संबंधित स्तर तक पहुंचाना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
सर्वसम्मति से कार्यकारिणी का गठन, संगठन को मजबूत करने का संकल्प
प्रांतीय द्विवार्षिक निर्वाचन के दौरान प्रदेश कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन संगठन के सदस्यों के बीच आपसी समन्वय और एकजुटता का संदेश देता है। निर्वाचन प्रक्रिया में सहमति के आधार पर पदाधिकारियों का चयन किए जाने से संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाने और कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से कार्य करने की दिशा में सकारात्मक वातावरण बना है।
नई कार्यकारिणी के गठन के साथ कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और लंबित मांगों को शासन-प्रशासन एवं विभागीय प्रबंधन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने पर जोर दिया गया। संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने नन्दलाल जोशी के पुनः निर्विरोध निर्वाचन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी।
कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि नन्दलाल जोशी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड जल संस्थान कर्मचारी संघ और अधिक मजबूती के साथ कार्य करेगा तथा कर्मचारियों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगा। वहीं, सर्वसम्मति से गठित प्रदेश कार्यकारिणी से भी संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलने और कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों में सामूहिक प्रयासों को मजबूती मिलने की अपेक्षा की जा रही है।
नन्दलाल जोशी का पुनः निर्विरोध निर्वाचन संगठन के प्रति कर्मचारियों के भरोसे को रेखांकित करता है। अब नई कार्यकारिणी के सामने इस विश्वास को कायम रखते हुए कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों, अधिकारों और सेवा संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करने की जिम्मेदारी होगी।





