7,844.18 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पर कैबिनेट मंत्री ने मुख्यमंत्री धामी को दी बधाई, किसान, युवा, महिला और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किए गए प्रावधानों को बताया महत्वपूर्ण
देहरादून, 28 अक्टूबर। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि भराड़ीसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित होना उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बजट में समाज के हर वर्ग के कल्याण, विकास कार्यों और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने दूरदर्शी और जनकल्याणकारी बजट के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई दी।
सतपाल महाराज ने कहा कि अनुपूरक बजट के बाद राज्य का कुल वार्षिक बजट बढ़कर 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो गया है। यह बजट सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसमें 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों की उपज की खरीद और संबंधित योजनाओं के लिए 1,244 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, शिक्षा और खेल गतिविधियों के लिए 278 करोड़ रुपये तथा महिलाओं के पोषण और कल्याण के लिए 117 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं और कर्मचारियों को भी प्राथमिकता
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के लिए 100 करोड़ रुपये और राज्य कर्मचारियों की गोल्डन कार्ड योजना के लिए 125 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस तरह स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी इन योजनाओं के लिए कुल 225 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
कुंभ और सांस्कृतिक विरासत के लिए बजट
सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार में कुंभ की व्यवस्थाओं के लिए 290 करोड़ रुपये, हरिद्वार गंगा कॉरिडोर के लिए 30 करोड़ रुपये और मां नंदा राजजात यात्रा के संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ये व्यवस्थाएं प्रदेश के विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तैयार किया गया यह अनुपूरक बजट किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों, श्रद्धालुओं और उद्यमियों सहित सभी वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है। यह उत्तराखंड को आत्मनिर्भर, विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।




