मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने किया दसवें गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव में प्रतिभाग, मुख्यमंत्री ने कलाकारों को किया सम्मानित

देहरादून। वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से गढ़ी कैंट स्थित महेंद्र ग्राउंड में आयोजित दसवें गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेले में रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा ने प्रतिभाग किया। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित तीन दिवसीय महोत्सव में गोरखा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक रीति-रिवाजों और धार्मिक आस्था की मनमोहक झलक देखने को मिली। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज भी मौजूद रहे।
महोत्सव के दौरान विभिन्न कलाकारों ने गोरखा समाज की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। पारंपरिक लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों ने अपनी कला और परंपराओं का शानदार प्रदर्शन किया। प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कलाकारों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महोत्सवों की अहम भूमिका : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विविधतापूर्ण सामाजिक जीवन से है। गोरखा समाज ने अपनी वीरता, अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण से देश में विशिष्ट पहचान बनाई है। समाज की सांस्कृतिक परंपराएं हमारी साझा विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा कि दशैं और दीपावली जैसे पर्व आपसी प्रेम, सद्भाव, खुशहाली और सकारात्मकता का संदेश देते हैं। ऐसे सांस्कृतिक महोत्सव समाज की परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि लोककलाकार हमारी संस्कृति के संवाहक हैं। उनकी प्रतिभा को सम्मान और प्रोत्साहन देना आवश्यक है, ताकि पारंपरिक लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सके।
कलाकारों को सम्मानित कर किया उत्साहवर्धन
महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया। कलाकारों का सम्मान लोककला को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा। विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से गोरखा समाज की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया।
गोरखा समाज की संस्कृति और परंपराओं का उत्सव
वीर गोरखा कल्याण समिति की ओर से आयोजित इस महोत्सव का उद्देश्य दशैं और शुभ दीपावली यानी तिहार पर्व के महत्व से लोगों को परिचित कराना तथा गोरखा समाज की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाना है।
महेंद्र ग्राउंड में आयोजित मेले में लोगों को गोरखा समुदाय की जीवनशैली, पारंपरिक उत्सवों और सांस्कृतिक मूल्यों को करीब से जानने का अवसर मिला। आयोजन ने विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सद्भाव, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
तीन दिवसीय दसवें गोरखा दशैं-दीपावली महोत्सव एवं राजकीय मेले ने गोरखा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक उत्सवों और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया।




