
विकासनगर से ऋषिकेश तक कार्रवाई, बिना मानचित्र स्वीकृति प्लॉटिंग करने वालों पर सख्ती
देहरादून, 27 अक्टूबर। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विकासनगर और ऋषिकेश क्षेत्र में पांच स्थानों पर कार्रवाई की। इस दौरान तीन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि दो स्थानों पर अवैध निर्माण सील किए गए।
प्राधिकरण की टीम ने विकासनगर के भीमावाला और डॉक्टरगंज क्षेत्रों में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की। वहीं, ऋषिकेश क्षेत्र के रायवाला में भी अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई। इसके अलावा हरिपुर कला और रायवाला में दो अवैध निर्माणों को सील किया गया।
भीमावाला में 4 से 5 बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त
एमडीडीए के अनुसार, विकासनगर के भीमावाला क्षेत्र में छोटी कैनाल रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पीछे संजय चौहान एवं अन्य द्वारा करीब चार से पांच बीघा भूमि पर बिना आवश्यक स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
शक्ति कैनाल के पास पांच बीघा भूमि पर कार्रवाई
विकासनगर के डॉक्टरगंज में पुल संख्या एक और दो के मध्य शक्ति कैनाल के समीप आशु उनियाल, हर्ष रावत एवं अन्य द्वारा करीब पांच बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण ने बिना आवश्यक अनुमति भूमि को भूखंडों के रूप में विकसित करने के मामले में यह कार्रवाई की।
रायवाला में भी ध्वस्त की गई अवैध प्लॉटिंग
ऋषिकेश क्षेत्र के रायवाला में प्रेम दत्त जोशी द्वारा लगभग पांच बीघा भूमि पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृति के प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया।
हरिपुर कला और रायवाला में दो निर्माण सील
अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एमडीडीए ने हरिपुर कला की गली संख्या पांच में कपिल मदान द्वारा किए जा रहे निर्माण को सील किया। इसके अलावा हरिद्वार रोड पर रायवाला में पंजाब नेशनल बैंक के निकट तुषार नरूला द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती
एमडीडीए की इस कार्रवाई का उद्देश्य प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माणों पर अंकुश लगाना है। अनियोजित विकास के कारण भविष्य में सड़क, जल निकासी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
प्राधिकरण की ओर से की गई कार्रवाई में तीन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई और दो स्थानों पर निर्माण सील किए गए। साथ ही, जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि के स्वीकृत लेआउट और आवश्यक मानचित्र की स्थिति की पुष्टि करने की जरूरत भी रेखांकित होती है।




