30 हजार वर्ग फुट में तैयार चार मंजिला केंद्र से IT कंपनियों और युवा उद्यमियों को मिलेगी आधुनिक सुविधाएं, 17 स्टार्टअप्स को 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग
देहरादून। उत्तराखंड में प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) ने देहरादून के आईटी पार्क, सहस्रधारा रोड में अपनी नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी शुरू की है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने शुक्रवार को इस आधुनिक सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तराखंड सरकार के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा, कृषि मंत्री गणेश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
करीब 30 हजार वर्ग फुट क्षेत्र में चार मंजिलों पर विकसित यह केंद्र IT और ITeS कंपनियों के साथ ही स्टार्टअप्स को भी आधुनिक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य राज्य में तकनीक आधारित उद्यमिता को प्रोत्साहित करना, नए उत्पादों के विकास को बढ़ावा देना और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार करना है। इस पहल से उत्तराखंड में तकनीकी व्यवसाय शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने के इच्छुक उद्यमियों को बेहतर कार्यस्थल और सहयोग मिल सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है नया केंद्र
देहरादून के आईटी पार्क में स्थापित नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी में उद्यमियों और कंपनियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां अर्ध-सुसज्जित कार्यालय स्थान, हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी, वातानुकूलित एवं पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल उपलब्ध होंगे।
इसके अलावा केंद्र में एक ऑडिटोरियम, दो मीटिंग रूम, दो कॉन्फ्रेंस रूम और एक नेटवर्क ऑपरेशंस सेंटर (NOC) भी बनाया गया है। इन सुविधाओं से स्टार्टअप्स को अपने विचारों पर काम करने, टीम के साथ समन्वय स्थापित करने, व्यावसायिक बैठकें आयोजित करने और अपने उत्पादों को विकसित करने में सहायता मिलेगी।
नई फैसिलिटी का एक प्रमुख उद्देश्य तकनीकी क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं और उद्यमियों को ऐसा वातावरण प्रदान करना है, जहां वे अपने व्यावसायिक विचारों को व्यावहारिक रूप दे सकें। इससे शुरुआती चरण में काम कर रहे स्टार्टअप्स को कार्यालय और तकनीकी सुविधाओं के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं करने की जरूरत भी कम हो सकती है।
विकसित भारत के लक्ष्य में तकनीक की अहम भूमिका : जितिन प्रसाद
केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में प्रौद्योगिकी और व्यापार की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों को एक बेहतर मंच प्रदान करेगी। यहां उद्यमियों को सहयोगात्मक वातावरण मिलेगा, जिससे वे नए विचारों पर काम करने, तकनीकी समाधान विकसित करने और अपने व्यवसाय का विस्तार करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
मंत्री ने उत्तराखंड में 1,700 से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में उद्यमिता और नवाचार की अच्छी संभावनाएं हैं। इस तरह की पहल से निवेश आकर्षित करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने काशीपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर के विकास सहित इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को बढ़ावा देने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश में तकनीकी क्षमताओं का विस्तार करने और नए उद्यमों को प्रोत्साहित करने के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा तैयार करना आवश्यक है।
देहरादून में IT क्षेत्र के विकास की अपार संभावनाएं : प्रदीप बत्रा
उत्तराखंड सरकार के आईटी एवं सुशासन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केवल बुनियादी ढांचे का विकास पर्याप्त नहीं है, बल्कि लोगों की सोच, आकांक्षाओं और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता में भी सकारात्मक बदलाव जरूरी है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी जैसी पहलें राज्य में नवाचार और तकनीकी व्यवसायों के लिए अनुकूल माहौल तैयार करेंगी।
उन्होंने विश्वास जताया कि इस केंद्र से युवा उद्यमियों को अपने विचारों को आगे बढ़ाने और नए व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिलेगी। इससे प्रदेश की आर्थिक प्रगति को गति देने के साथ ही देश के विकास के व्यापक लक्ष्य में भी योगदान मिलेगा।
देहरादून को प्रमुख IT गंतव्य बनाने पर जोर
उत्तराखंड सरकार के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए युवाओं को पारंपरिक रोजगार क्षेत्रों से आगे बढ़कर नए अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि देहरादून एक प्रमुख शिक्षा केंद्र है और यहां बड़ी संख्या में युवा शिक्षा प्राप्त करते हैं। ऐसे में शहर में तकनीकी उद्योगों और स्टार्टअप्स के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
उन्होंने देहरादून की तुलना बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे प्रमुख IT केंद्रों की संभावनाओं से करते हुए कहा कि नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी राज्य के तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत करने में मददगार साबित हो सकती है। इससे आने वाले वर्षों में युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकेगा।
डिजिटल गवर्नेंस को भी मिल रही गति : पंकज पांडे
उत्तराखंड सरकार के आईटी सचिव पंकज पांडे ने कहा कि STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी राज्य के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण विस्तार है। इससे युवा उद्यमियों को आवश्यक बुनियादी ढांचा और सहयोग उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
उन्होंने सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से युवाओं को अपनी विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान को सफल व्यवसायों में बदलने के अवसर मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग एक हजार सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के इन प्रयासों से सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने के साथ ही राज्य की डिजिटल उपस्थिति मजबूत करने में भी सहायता मिल रही है।
पंकज पांडे के अनुसार, प्रौद्योगिकी आधारित सुविधाओं का विस्तार, नवाचार को प्रोत्साहन और युवाओं को उद्यमिता से जोड़ना राज्य के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
स्टार्टअप्स को निवेशकों और विशेषज्ञों से जोड़ने में मदद करेगा STPI
STPI के महानिदेशक अरविंद कुमार ने कहा कि संगठन का देशव्यापी नेटवर्क स्टार्टअप्स को स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर देशभर के निवेशकों, विशेषज्ञों और तकनीकी समाधानों तक पहुंच बनाने में सहायता करता है।
उन्होंने कहा कि देहरादून की नई फैसिलिटी उभरते IT/ITeS उद्यमों को अपना व्यवसाय स्थापित करने और उसका विस्तार करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराएगी।
उन्होंने बताया कि स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, उद्योग जगत से जुड़ाव और वास्तविक समस्याओं के समाधान विकसित करने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। इसके तहत साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप की भूमिका भी अहम होगी।
अरविंद कुमार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा IT/ITeS उद्योग और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों से उत्तराखंड में तकनीकी उद्यमिता के विकास की संभावनाएं बढ़ रही हैं। नई फैसिलिटी इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
वर्ष 2001 से उत्तराखंड में सक्रिय है STPI
सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) देहरादून की स्थापना वर्ष 2001 में उत्तराखंड सरकार के सहयोग से की गई थी। तब से यह संस्थान राज्य में IT/ITeS उद्योग को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
STPI इन्क्यूबेशन सेवाओं के साथ STP, Non-STP और EHTP योजनाओं के माध्यम से भी तकनीकी उद्योगों को सहयोग प्रदान करता है।
देहरादून के आईटी पार्क में स्थित मौजूदा इन्क्यूबेशन फैसिलिटी में लगभग 19,533 वर्ग फुट का सुपर बिल्ट-अप क्षेत्र उपलब्ध है, जिसका उपयोग कई IT/ITeS इकाइयां कर रही हैं। अब नई फैसिलिटी शुरू होने से तकनीकी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध बुनियादी ढांचे का और विस्तार होगा।
इससे प्रदेश में तकनीकी व्यवसाय स्थापित करने के इच्छुक उद्यमियों को अतिरिक्त स्थान और सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही, राज्य में पहले से कार्यरत तकनीकी इकाइयों के लिए भी विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी।
17 स्टार्टअप्स को 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग
STPI देहरादून की ओर से स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता और विकास के अवसर उपलब्ध कराने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। नेक्स्ट जनरेशन इन्क्यूबेशन स्कीम (NGIS) के तहत आयोजित चैलेंज कार्यक्रमों के माध्यम से कुल 52 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है।
इनमें से 17 स्टार्टअप्स को कुल 4.25 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग प्रदान की गई है। इसके अतिरिक्त 26 से अधिक स्टार्टअप्स को प्रत्येक 90 हजार रुपये का स्टाइपेंड भी दिया गया है।
सीड फंडिंग शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण होती है। इससे उन्हें अपने व्यावसायिक विचारों को विकसित करने, उत्पाद तैयार करने, तकनीकी प्रयोग करने और बाजार में अपनी संभावनाओं को परखने में सहायता मिल सकती है।
NGIS के तहत दी जा रही सहायता का उद्देश्य उभरते उद्यमियों को प्रोत्साहित करना और ऐसे उत्पादों एवं समाधानों के विकास को बढ़ावा देना है, जिन्हें आगे चलकर बड़े स्तर पर उपयोग किया जा सके।
उत्तराखंड के युवाओं के लिए खुलेंगे नए अवसर
देहरादून में STPI की नई इन्क्यूबेशन फैसिलिटी का उद्घाटन राज्य में तकनीकी बुनियादी ढांचे के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सरकार, उद्योग, शिक्षण संस्थानों और उद्यमियों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने का अवसर मिलेगा।
उत्तराखंड में बड़ी संख्या में शैक्षणिक संस्थान और युवा प्रतिभाएं मौजूद हैं। ऐसे में तकनीकी क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होने से युवाओं को अपने विचारों पर काम करने और स्थानीय स्तर पर व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिल सकता है।
नई फैसिलिटी से IT/ITeS कंपनियों को भी अपने कामकाज के विस्तार के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा। वहीं, स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, उद्योग जगत से जुड़ाव और वित्तीय सहायता जैसी सुविधाओं से लाभ मिल सकता है।
कुल मिलाकर, STPI की यह पहल उत्तराखंड में प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमिता, नवाचार, निवेश और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके माध्यम से देहरादून को तकनीकी व्यवसायों और स्टार्टअप्स के लिए एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं को बल मिल सकता है।
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