‘पीएनबी प्रतिभा’ गृह पत्रिका, राजभाषा चित्रकथा और डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण, कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां
देहरादून, 23 अक्टूबर। पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) के प्रधान कार्यालय में हिंदी माह के उपलक्ष्य में राजभाषा समारोह एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बैंक के अधिकारियों ने राजभाषा हिंदी के प्रभावी कार्यान्वयन, प्रचार-प्रसार और दैनिक बैंकिंग कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक उपयोग पर जोर दिया। इस अवसर पर लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड योजना के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही बैंक की गृह पत्रिका ‘पीएनबी प्रतिभा’, ‘राजभाषा चित्रकथा’ और ‘डिजिटल लाइब्रेरी’ का लोकार्पण भी किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र ने की। इस अवसर पर कार्यपालक निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव, मुख्य सतर्कता अधिकारी राघवेन्द्र कुमार, विभिन्न विभागों के मुख्य महाप्रबंधक एवं महाप्रबंधक तथा अलग-अलग अंचलों से आए पुरस्कार विजेता अंचल प्रबंधक उपस्थित रहे।
समारोह का शुभारंभ प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा बैंक के शीर्ष अधिकारियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद लाला लाजपत राय राजभाषा शील्ड प्रतियोगिताओं के विजेताओं को शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से बैंक में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और राजभाषा संबंधी कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभागों एवं अंचल कार्यालयों को प्रोत्साहित किया गया।
हिंदी में डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं पर जोर
बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी अशोक चंद्र ने अपने संबोधन में छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में पंजाब नैशनल बैंक की गृह पत्रिका ‘पीएनबी प्रतिभा’ और दिल्ली बैंक नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास) को दो ‘राजभाषा कीर्ति’ प्रथम पुरस्कार प्राप्त होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए बैंक के समस्त स्टाफ सदस्यों को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब नैशनल बैंक राजभाषा हिंदी के कार्यान्वयन के क्षेत्र में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रहा है। बैंक का प्रयास है कि ग्राहकों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ डिजिटल सुविधाएं भी हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रदान की जाएं। इससे ग्राहक अपनी सुविधानुसार भाषा का चयन कर बैंकिंग सेवाओं का आसानी से उपयोग कर सकते हैं।
अधिकारियों ने कर्मचारियों को किया प्रोत्साहित
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य महाप्रबंधक (राजभाषा) विशेष कुमार श्रीवास्तव के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने समारोह में उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों का स्वागत किया। कार्यपालक निदेशक अमित कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में स्टाफ सदस्यों को दैनिक कार्यों में राजभाषा हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रोत्साहित किया।
वहीं, सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने राजभाषा के क्षेत्र में बैंक की उपलब्धियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बैंक में हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों और राजभाषा संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी।
कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां
राजभाषा समारोह के अंतर्गत आयोजित काव्य संध्या ने कार्यक्रम को साहित्यिक रंग दिया। प्रख्यात कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल और कवयित्री पद्मिनी शर्मा ने अपनी काव्य प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उनकी ऊर्जावान प्रस्तुतियों ने समारोह में उत्साह का माहौल बनाया।
कार्यक्रम में राजभाषा के प्रचार-प्रसार के साथ साहित्य और संस्कृति को भी प्रमुखता दी गई। बैंक की गृह पत्रिका, राजभाषा चित्रकथा और डिजिटल लाइब्रेरी का लोकार्पण भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
समारोह के माध्यम से पंजाब नैशनल बैंक ने हिंदी में कार्य करने की संस्कृति को प्रोत्साहित करने, कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने और ग्राहकों को हिंदी एवं क्षेत्रीय भाषाओं में डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।




