विरासत अभियान से 4,943 मामलों का निस्तारण, हजारों लोगों को मिली राहत
धारा-34 और धारा-33ए के तहत 10,404 प्रकरण दर्ज, संपत्ति नामांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने पर जोर
देहरादून। प्रदेश में संपत्ति नामांतरण से जुड़े निर्विवाद मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए चलाए गए विरासत अभियान के तहत अब तक 4,943 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर संचालित इस अभियान के अंतर्गत धारा-34 और धारा-33ए के तहत कुल 10,404 मामले दर्ज किए गए हैं। अभियान का उद्देश्य संपत्ति के विरासत संबंधी मामलों के निस्तारण में तेजी लाना और आमजन को राजस्व विभाग से जुड़ी सेवाएं सरल एवं समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है।
17 अक्टूबर 2026 को आयोजित म्यूटेशन डे के दौरान उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, धारा-34 के तहत 9,244 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें से 3,835 का निस्तारण किया जा चुका है। वहीं, धारा-33ए के तहत 1,160 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 1,108 का निस्तारण किया गया। इस प्रकार दोनों धाराओं के अंतर्गत कुल 4,943 प्रकरणों का निस्तारण किया गया है।
धारा-34 के तहत 3,835 मामलों का निस्तारण
अभियान के तहत धारा-34 में सबसे अधिक 9,244 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 3,835 मामलों का निस्तारण हुआ है। वहीं, धारा-33ए के अंतर्गत दर्ज 1,160 मामलों में से 1,108 का निस्तारण किया जा चुका है। इन आंकड़ों के अनुसार, धारा-33ए के तहत दर्ज मामलों में निस्तारण का अनुपात अधिक रहा है।
राजस्व विभाग से संबंधित नामांतरण प्रक्रिया संपत्ति के स्वामित्व में परिवर्तन को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने से जुड़ी है। विरासत के मामलों में समय पर नामांतरण होने से संबंधित लोगों को राजस्व अभिलेखों में अपना नाम दर्ज कराने में सुविधा मिलती है। सरकार का जोर विशेष रूप से निर्विवाद मामलों को अनावश्यक देरी से बचाते हुए नियमानुसार निस्तारित करने पर है।
सरकारी सेवाओं को सरल बनाना सरकार का उद्देश्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य आमजन को सरकारी सेवाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना है। विरासत अभियान इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। संपत्ति से जुड़े निर्विवाद मामलों के निस्तारण में अनावश्यक देरी होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कर नागरिकों को राहत देना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी और जनोन्मुखी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
शेष प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को अभियान के तहत प्राप्त मामलों की नियमित समीक्षा करने और शेष प्रकरणों का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने राजस्व सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने और लंबित मामलों के समाधान में तेजी लाने पर जोर दिया।
सरकार की इस पहल से संपत्ति के विरासत संबंधी मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने, नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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