
बेसमेंट में पार्किंग, ग्राउंड फ्लोर पर बैंक और डाकघर समेत अधिकारियों के लिए बनेंगे कार्यालय व बैठक कक्ष
देहरादून, 25 अक्टूबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत सचिवालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए विश्वकर्मा भवन के निकट छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। राज्य संपत्ति विभाग की इस परियोजना पर 59.34 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भवन में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के कार्यालयों के साथ बैठक कक्ष, बैंक, डाकघर और पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सचिवालय में कार्यालयी स्थान बढ़ेगा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
59.34 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा भवन
राज्य संपत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन इस परियोजना के लिए 26 मार्च 2025 को शासनादेश जारी किया गया था। भवन निर्माण की कुल स्वीकृत लागत 5934.71 लाख रुपये है। इसमें 4127.05 लाख रुपये सिविल निर्माण कार्यों और 1807.26 लाख रुपये विद्युतीकरण के लिए निर्धारित किए गए हैं। भवन का निर्माण 34×74 मीटर आकार के प्लॉट पर किया जा रहा है, जिसके लिए 2516 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध है। बेसमेंट सहित भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,04,480 वर्गफुट होगा।
बेसमेंट में 125 वाहनों की पार्किंग
नवनिर्मित भवन के बेसमेंट में 25 कारों और 100 दोपहिया वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की जा रही है। इससे सचिवालय परिसर में पार्किंग की उपलब्धता बढ़ेगी। वहीं, ग्राउंड फ्लोर पर भारतीय स्टेट बैंक की शाखा, डाकघर, एक्सटेंशन लॉबी और प्रतीक्षालय की सुविधा प्रस्तावित है। इससे सचिवालय आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को बैंकिंग तथा डाक संबंधी कार्यों के लिए एक ही परिसर में सुविधाएं मिल सकेंगी।
विभिन्न मंजिलों पर होंगे अधिकारियों के कार्यालय
भवन की पहली और दूसरी मंजिल पर अनुभागीय कार्यालयों और अनुसचिवों के कार्यालयों की व्यवस्था की जाएगी। प्रत्येक मंजिल पर सात अनुभागीय कार्यालयों और चार अनुसचिव कार्यालयों का प्रावधान है। इन दोनों मंजिलों का क्षेत्रफल 14,934 वर्गफुट प्रति मंजिल निर्धारित किया गया है।
तीसरी मंजिल पर पांच अपर सचिवों के कार्यालय, उनके स्टाफ के लिए कार्यालय, संयुक्त सचिवों के कार्यालय और एक बैठक कक्ष बनाया जाएगा। चौथी मंजिल का क्षेत्रफल भी तीसरी मंजिल के समान 14,934 वर्गफुट है। वहीं, पांचवीं मंजिल पर सात सचिवों के कार्यालयों के साथ स्टाफ कार्यालय, प्रतीक्षालय और बैठक कक्ष की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इस प्रकार भवन में विभिन्न स्तरों के अधिकारियों के लिए कार्यालयों के साथ आवश्यक सहयोगी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे कार्यालयी कार्यों के संचालन और विभागीय बैठकों के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।
60 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा
विभागीय जानकारी के अनुसार, भवन का ग्राउंड प्लस पांच मंजिल (जी+5) तक का स्ट्रक्चरल कार्य पूरा हो चुका है। आंतरिक ब्लॉक चिनाई का काम भी पूरा कर लिया गया है, जबकि प्लास्टर का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में बाहरी प्लास्टर, टेरेस पर हेवी ट्रस लगाने, शौचालयों में प्लंबिंग और अतिरिक्त विद्युतीकरण से संबंधित कार्य किए जा रहे हैं।
परियोजना की कुल भौतिक प्रगति 60 प्रतिशत दर्ज की गई है। निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मार्च 2027 की समयसीमा निर्धारित की गई है। भवन तैयार होने के बाद सचिवालय को अतिरिक्त कार्यालयी स्थान उपलब्ध होगा और अधिकारियों तथा कर्मचारियों के लिए सुविधाओं का विस्तार हो सकेगा।
आधुनिक सुविधाओं से मजबूत होगी सचिवालय की व्यवस्था: डॉ. आर. राजेश कुमार
सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सरकारी कार्यालयों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। सचिवालय परिसर में छह मंजिला वैकल्पिक भवन का निर्माण भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि भवन में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यालयों के साथ बैठक कक्ष, पार्किंग, बैंक और डाकघर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इससे उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और कार्यालयी कार्यों को सुव्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि परियोजना की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रयास है कि निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप पूरा हो और भवन का उपयोग जल्द शुरू किया जा सके।




