विधानसभा चुनाव से पहले नेटवर्क विहीन क्षेत्रों को कनेक्टिविटी से जोड़ने पर जोर, 170 गांव अब भी बीएसएनएल नेटवर्क से वंचित
देहरादून, 15 अक्टूबर। देहरादून जनपद के दूरस्थ और वन क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या दूर करने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी नेटवर्क विहीन और कमजोर कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में संचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दूरसंचार कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आचार संहिता लागू होने से पहले सभी चिह्नित शैडो एरिया में मोबाइल नेटवर्क की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
गुरुवार को जिला टेलीकॉम समिति एवं नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन की समीक्षा बैठक में डीएम ने बीएसएनएल समेत सभी दूरसंचार कंपनियों के अधिकारियों को नेटवर्क विस्तार के कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि मोबाइल टावर स्थापित करने में राजस्व या वन भूमि से जुड़ी समस्याओं का संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर तत्काल समाधान किया जाए।
मसूरी में 7 और चकराता में 12 शैडो एरिया चिह्नित
जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद में कुल 19 शैडो एरिया चिह्नित किए गए हैं। इनमें मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सात और चकराता विधानसभा क्षेत्र के 12 क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि नेटवर्क विस्तार के कार्यों में अनावश्यक देरी न हो और सभी चिह्नित क्षेत्रों को निर्धारित समयसीमा में कनेक्टिविटी से जोड़ा जाए।
170 गांव अब भी बीएसएनएल नेटवर्क से दूर
बैठक में बीएसएनएल अधिकारियों ने बताया कि जनपद के कुल 767 गांवों में से 597 गांवों में बीएसएनएल की कनेक्टिविटी उपलब्ध है, जबकि 170 गांव अभी भी नेटवर्क से नहीं जुड़ पाए हैं। कुंआवाला से लच्छीवाला, दांडी से ऋषिकेश, रायवाला से हरिपुरकलां और दौड़वाला से दूधली तक के वन क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने में कठिनाइयां सामने आ रही हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, फुलसानी, दिरनाद और सिल्ला में नए 4जी मोबाइल टावर स्थापित करने के प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजे गए हैं। वहीं, 4जी मोबाइल टावर सेचुरेशन परियोजना के तहत स्वीकृत 24 ग्राम पंचायतों में से 22 को कनेक्टिविटी से जोड़ा जा चुका है। रायपुर और सहसपुर क्षेत्र की एक-एक ग्राम पंचायत में वन भूमि से संबंधित समस्याओं के कारण कार्य लंबित है।
भारतनेट परियोजना में भी तेजी लाने के निर्देश
भारतनेट परियोजना की समीक्षा में सामने आया कि प्रथम चरण में कनेक्ट की गई 209 ग्राम पंचायतों में से 69 में फाइबर केबल कटने के कारण कनेक्टिविटी प्रभावित है। परियोजना के दूसरे चरण में कुल 228 ग्राम पंचायतों में से 189 को जोड़ा जा चुका है, जबकि शेष 39 ग्राम पंचायतों में कार्य जारी है।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फाइबर केबल कटने से प्रभावित क्षेत्रों में नेटवर्क जल्द बहाल किया जाए। साथ ही, लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए ग्राम पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों तक भारतनेट परियोजना के तहत फाइबर नेटवर्क पहुंचाया जाए।
निष्क्रिय मोबाइल टावर तत्काल किए जाएं दुरुस्त
जिलाधिकारी ने दूरसंचार कंपनियों को अपने मोबाइल टावरों और नेटवर्क का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय टावरों को तत्काल दुरुस्त कर सेवाएं बहाल की जाएं। जिन क्षेत्रों में किसी भी कंपनी का टावर उपलब्ध नहीं है, वहां बीएसएनएल प्राथमिकता के आधार पर नए टावर स्थापित करने की कार्ययोजना पर तेजी से काम करे।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद, डीजीएम बीएसएनएल रणवीर सिंह चौहान, एसडीई मोबाइल नीरज कुमार, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर हरेन्द्र शर्मा, मैनेजर डीआईसी सिद्धार्थ नेगी सहित विभिन्न दूरसंचार कंपनियों के अधिकारी मौजूद रहे।
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