
रामलीला महोत्सव का चौथा दिन ‘सर्वधर्म सद्भाव दिवस’ के रूप में मनाया गया, हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मों के प्रतिनिधियों को किया सम्मानित
देहरादून, 14 अक्टूबर 2026। श्री गुरु नानक मैदान, रेसकोर्स में श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952, देहरादून की ओर से आयोजित ‘भव्य रामलीला महोत्सव-2026’ का चतुर्थ दिवस सर्वधर्म सद्भाव दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम की भव्य बारात से हुई। ढोल-दमाऊ और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच निकली राम बारात ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
महोत्सव के दौरान डिजिटल दरबार में राजा दशरथ और कैकेयी के बीच संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। कैकेयी द्वारा भरत के लिए राजगद्दी और भगवान श्रीराम के लिए 14 वर्ष का वनवास मांगने के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया। आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक लेजर एंड साउंड शो और कलाकारों के सशक्त अभिनय ने रामलीला को भव्य स्वरूप प्रदान किया।
मुख्य अतिथि विधायक लखपत बुटोला ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा, कर्तव्य और आदर्शों की प्रेरणा देता है। उन्होंने समिति के अध्यक्ष अभिनव थापर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला को देहरादून में पुनर्जीवित करना सराहनीय पहल है। ऐसे आयोजन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ समाज में नैतिक मूल्यों, आपसी सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
चार धर्मों के प्रतिनिधियों को सम्मानित कर दिया एकता का संदेश
‘सर्वधर्म सद्भाव दिवस’ के अवसर पर हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मों के प्रतिनिधियों की सहभागिता के माध्यम से सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया गया। समिति अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों का प्रतीक है। आयोजन का उद्देश्य पुरानी टिहरी की ऐतिहासिक रामलीला की परंपरा को जीवंत बनाए रखने के साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. आर.के. जैन, पूर्व अध्यक्ष उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग; डॉ. महेश कुड़ियाल, अध्यक्ष आईएमए देहरादून; डॉ. संजना नौटियाल; कांग्रेस सोशल मीडिया के प्रदेश समन्वयक मधुसूदन सुंदरियाल; गुरुद्वारा पटेल नगर के अध्यक्ष हरमिंदर सिंह; गुरुद्वारा रेसकोर्स के अध्यक्ष बलबीर सिंह बन्नी; दून वैली व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन और संरक्षक सुशील अग्रवाल; हजारा बिरादरी के अध्यक्ष पवन चंदोक, सचिव सचिन विज तथा जावेद आलम सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों को सम्मानित किया गया।
1952 से चली आ रही परंपरा, इस वर्ष एक करोड़ दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य
श्री रामकृष्ण लीला समिति टिहरी 1952 की ऐतिहासिक रामलीला का आयोजन पुरानी टिहरी में वर्ष 1952 से होता आ रहा है। टिहरी के जलमग्न होने के बाद वर्ष 2023 में इस परंपरा को देहरादून में पुनर्जीवित किया गया। समिति के अनुसार, वर्ष 2025 में आयोजित महोत्सव को विभिन्न माध्यमों से 82 लाख से अधिक दर्शकों ने देखा था। इस वर्ष डिजिटल लाइव टेलीकास्ट, आधुनिक लेजर एंड साउंड शो, पारंपरिक रामलीला मंचन और उत्तराखंड की लोक संस्कृति के संगम के माध्यम से एक करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
महोत्सव के अंतर्गत 8 से 25 अक्टूबर तक मेले और विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि रामलीला का मंचन 11 से 21 अक्टूबर तक होगा। 20 अक्टूबर को दशहरे के अवसर पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। वहीं, 21 अक्टूबर को भगवान श्रीराम के राजतिलक का आयोजन होगा।
कार्यक्रम में समिति के पदाधिकारी, कलाकार, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।
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