पलायन रोकने और पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने का दिया संदेश

टिहरी। उत्तराखंड में पलायन की समस्या के बीच पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को खेती-किसानी से जोड़ने के उद्देश्य से पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता दिनेश धनै शुक्रवार को खेतों में नजर आए। उन्होंने टिहरी विधानसभा क्षेत्र के जाखणीधार विकासखंड के ग्राम पुनाणु पहुंचकर ग्रामीणों के साथ धान की मढ़ाई में हाथ बंटाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को अपनी पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने और खेती को आजीविका का महत्वपूर्ण साधन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
पूर्व मंत्री दिनेश धनै ने कहा कि उत्तराखंड के अनेक गांवों से लोग खेती-किसानी छोड़कर पलायन कर रहे हैं। ऐसे में खेती को बचाने और गांवों को आबाद रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व केवल लोगों को खेती करने की सलाह देना नहीं, बल्कि किसानों के बीच पहुंचकर उनके साथ काम करना भी है।
उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अपने पैतृक गांवों में वर्षों से बंजर पड़ी जमीनों और खेत-खलिहानों को संवारने की पहल करें, तो इससे अन्य ग्रामीणों को भी प्रेरणा मिलेगी। लोगों में अपनी पारंपरिक खेती के प्रति रुचि बढ़ेगी और गांवों की कृषि व्यवस्था को फिर से मजबूत किया जा सकेगा।
‘दूसरों को उपदेश देने के बजाय स्वयं से करनी होगी शुरुआत’
दिनेश धनै ने कहा कि खेती-किसानी और ग्रामीण जीवन को बचाने के लिए सबसे पहले स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करना होगा। केवल दूसरों को उपदेश देने से बदलाव नहीं आएगा, बल्कि लोगों को खुद आगे आकर खेतों में काम करना होगा। उन्होंने बताया कि वह समय-समय पर ग्रामीणों के बीच पहुंचकर धान की रोपाई और मढ़ाई जैसे कृषि कार्यों में सहयोग करते रहते हैं।
उन्होंने इसे पलायन रोकने और लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक छोटा-सा प्रयास बताया। इसी क्रम में वह ग्राम पुनाणु पहुंचे, जहां राजेंद्र सिंह गुसाईं के खेतों में धान की मढ़ाई के दौरान ग्रामीणों के साथ श्रम किया।
इस पहल के माध्यम से उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि पारंपरिक खेती केवल कृषि कार्य नहीं, बल्कि उत्तराखंड की ग्रामीण संस्कृति, परंपराओं और आजीविका का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि गांवों में खेती को प्रोत्साहित किया जाए और बंजर भूमि का दोबारा उपयोग शुरू हो, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ पलायन की चुनौती से निपटने में भी मदद मिल सकती है।
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर क्षेत्र पंचायत सदस्य रणवीर सिंह राणा, पूर्व ग्राम प्रधान जोत सिंह पनाई, शूरवीर सिंह गुसाईं, उम्मेद सिंह, गुलाब सिंह, राजेंद्र सिंह, बिजेंद्र सिंह, विजयपाल सिंह, मदन सिंह, चतर सिंह गुसाईं, पूरण सिंह राणा, कमल सिंह, बीरेंद्र सिंह, कार्तिक, छंछरु, जोतर दास, राम दास सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।





