
परिवार के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर मनाया प्रकाश पर्व, दीपावली को सांस्कृतिक विरासत, प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दीपावली का पावन पर्व अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास में हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी गीता धामी और दोनों पुत्र भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर प्रकाश के इस महापर्व को मनाया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री आवास में दीपावली के अवसर पर पारंपरिक उल्लास और उत्साह का माहौल रहा। मुख्यमंत्री ने परिवार के साथ दीप जलाकर प्रकाश पर्व की खुशियां साझा कीं। उन्होंने इस पर्व को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार बताते हुए कहा कि दीपावली हमें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने तथा जीवन में सकारात्मकता अपनाने का संदेश देती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि दीपावली केवल दीपों और रोशनी का त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारिवारिक मूल्यों, आपसी प्रेम, सद्भाव और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करने के साथ ही लोगों को एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि दीपावली हमें अपने जीवन में सकारात्मकता, सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देती है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि प्रकाश का यह पावन पर्व प्रत्येक परिवार के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करे। उन्होंने आशा व्यक्त की कि दीपावली का यह उत्सव सभी के जीवन में खुशियों के नए अवसर लेकर आए और प्रदेश में आपसी प्रेम, सद्भाव एवं सामाजिक सौहार्द की भावना और मजबूत हो।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड निरंतर विकास और उन्नति के नए आयाम स्थापित करे तथा राज्य का प्रत्येक नागरिक समृद्ध, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की निरंतर प्रगति और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना भी की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से दीपावली का पर्व आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। साथ ही पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता बरतते हुए त्योहार की खुशियां साझा करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पर्वों की वास्तविक खुशी आपसी सहयोग, सद्भाव और एक-दूसरे के जीवन में खुशियां बांटने में निहित है।




