देहरादून, 06 नवंबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रिजर्व पुलिस लाइन देहरादून में आयोजित उत्तराखण्ड पुलिस के राष्ट्रपति पुलिस निशान अलंकरण समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने पुलिस परेड का निरीक्षण किया और उत्तराखण्ड पुलिस को प्रतिष्ठित राष्ट्रपति पुलिस निशान से अलंकृत किया।
पुलिस बल की 25 वर्षों की सेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और उत्कृष्ट कार्यों के सम्मान में मिला यह निशान उत्तराखण्ड पुलिस के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके साथ ही उत्तराखण्ड यह सम्मान प्राप्त करने वाला देश का 16वां राज्य बन गया है।
समारोह में विशिष्ट एवं सराहनीय सेवा के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। साथ ही उत्तराखण्ड पुलिस के विशेष डाक आवरण एवं पुलिस पत्रिका का विमोचन भी किया गया।
अमित शाह ने इस उपलब्धि पर उत्तराखण्ड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदेश के प्रत्येक पुलिस अधिकारी और जवान के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने चारधाम यात्रा, कुंभ, पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में उत्तराखण्ड पुलिस की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, आधुनिक तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और डिजिटल प्रणाली को अपनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। मई 2027 के बाद दर्ज होने वाली एफआईआर के मामलों में तीन वर्ष के भीतर दोषियों को सजा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखण्ड पुलिस के 206 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय लगभग 13 हजार जवानों से शुरू हुई पुलिस की यात्रा आज 26 हजार से अधिक जवानों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने नशे और साइबर अपराधों के विरुद्ध उत्तराखण्ड पुलिस के प्रयासों की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रपति पुलिस निशान को उत्तराखण्ड पुलिस के साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की राष्ट्रीय मान्यता बताया। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के समय पुलिस में लगभग 13 हजार जवान, 96 थाने और 42 चौकियां थीं, जबकि आज 26 हजार से अधिक पुलिसकर्मी प्रदेश की सुरक्षा में तैनात हैं। वर्तमान में उत्तराखण्ड पुलिस में महिलाओं की भागीदारी लगभग 14 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पिछले चार वर्षों में 7 हजार से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है तथा 307 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। ऑपरेशन स्माइल और ऑपरेशन मुक्ति के माध्यम से भी बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर की स्थापना और नरेंद्रनगर स्थित पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, तीरथ सिंह रावत एवं डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित शासन एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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