
देहरादून, 2 सितंबर 2026। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के किए जा रहे तीन अलग-अलग निर्माण कार्यों को सील कर दिया।
एमडीडीए की कार्रवाई गुमानीवाला, गंगा किनारे गली नंबर-1 और वीरपुर खुर्द क्षेत्र में की गई। प्राधिकरण के मुताबिक तीनों मामलों में निर्माणकर्ताओं द्वारा निर्धारित नियमों और आवश्यक स्वीकृतियों की अनदेखी की जा रही थी।
गुमानीवाला में व्यावसायिक उपयोग के लिए टिन शेड सील
गुमानीवाला, ऋषिकेश में चीमा राम द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक उपयोग के लिए टिन शेड का निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण की अनुमति के बिना निर्माण किए जाने की जानकारी मिलने पर संबंधित के खिलाफ उत्तराखंड नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973 की प्रासंगिक धाराओं के तहत वाद दायर किया गया। इसके बाद एमडीडीए की टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए निर्माण को सील कर दिया।
गंगा किनारे गली नंबर-1 में भी कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई ऋषिकेश स्थित गंगा किनारे गली नंबर-1 में की गई। यहां राम यादव द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। जांच में आवश्यक अनुमति के बिना निर्माण किए जाने की स्थिति सामने आने पर प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए मौके पर निर्माण स्थल को सील कर दिया।
वीरपुर खुर्द में भी अनधिकृत निर्माण पर सीलिंग
तीसरी कार्रवाई वीरपुर खुर्द की गली नंबर-4 में सीमा जेन्टल कॉलेज के पास की गई। यहां संदीप गोस्वामी आदि द्वारा प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति प्राप्त किए बिना निर्माण कराया जा रहा था। एमडीडीए की टीम ने स्थल का निरीक्षण करने के बाद अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की और निर्माण स्थल को सील कर दिया।
अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्ती
एमडीडीए की लगातार हो रही कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्राधिकरण बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के निर्माण को लेकर सख्त रुख अपना रहा है। प्राधिकरण के अनुसार भवन निर्माण शुरू करने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत मानचित्र स्वीकृत कराना और सभी जरूरी अनुमतियां प्राप्त करना अनिवार्य है।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुनियोजित शहरी विकास के लिए भवन निर्माण से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है। अनधिकृत निर्माण से शहर की नियोजन व्यवस्था प्रभावित होने के साथ ही भविष्य में यातायात, पार्किंग और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अवैध निर्माण के मामलों की लगातार निगरानी की जाए और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर सीलिंग सहित अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण की टीमें अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की लगातार निगरानी कर रही हैं। बिना मानचित्र स्वीकृति या आवश्यक अनुमति के निर्माण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही निर्माणकर्ताओं को निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराने और सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
एमडीडीए ने लोगों से अपील की है कि भवन निर्माण शुरू करने से पहले संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति और मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि बाद में सीलिंग या अन्य वैधानिक कार्रवाई की स्थिति न बने।




