दस्तावेजों की भी हुई पड़ताल, छात्रों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने पर जोर
देहरादून, 16 अक्टूबर। छात्रों की सेहत और भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) की टीम ने शुक्रवार को देहरादून स्थित यूपीईएस (UPES) विश्वविद्यालय की मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों की जांच करने के साथ पानी, पकी हुई दाल और सब्जी के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए एकत्र किए गए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर सख्ती बरत रही है। स्वास्थ्य मंत्री के दिशा-निर्देशों और खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय के निर्देश पर शैक्षणिक संस्थानों में संचालित मेस और कैफेटेरिया की निगरानी की जा रही है।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने खाद्य लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने टीम को आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नमूनों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है।
आयुक्त विनय शंकर पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार आम जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शैक्षणिक संस्थानों की मेस और कैफेटेरिया में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन विशेष रूप से आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों, स्वच्छता व्यवस्था और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, विकासनगर मंजू तिवारी और नगर निगम देहरादून के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। आयुक्त के निर्देश पर प्रदेशभर में खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण का अभियान जारी है।
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