दून पुलिस और आरपीएफ का बड़ा एक्शन, फर्जी अधिकारी गिरफ्तार, दून में पकड़ा गया फर्जी आरपीएफ अधिकारी, नीली बत्ती वाली कार सीज
देहरादून, 06 नवंबर। भारी कर्ज के दलदल से निकलने और आसान तरीके से पैसे कमाने के लिए एक युवक द्वारा खुद को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) का वरिष्ठ अधिकारी बताने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। देहरादून की डोईवाला कोतवाली पुलिस और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास चेकिंग के दौरान एक ऐसे शातिर को दबोचा है जो नीली बत्ती लगी अर्टिगा कार पर आरपीएफ की कैप रखकर खुद को मुरादाबाद मंडल का सहायक सुरक्षा आयुक्त (AC) बताकर लोगों पर रौब झाड़ रहा था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी के इस फर्जीवाड़े की पोल खुल गई जिसके बाद उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
डोईवाला पुलिस और आरपीएफ को मुखबिर से सटीक सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति खुद को रेलवे का बड़ा अधिकारी बताकर इलाके में घूम रहा है और किसी बड़ी ठगी की फिराक में है। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम ने लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास रेलवे लाइन के नजदीक घेराबंदी कर चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक मारुति सुजुकी अर्टिगा कार (रजिस्ट्रेशन नंबर UK 07 HQ 2387) पर नीली बत्ती लगी मिली और डैशबोर्ड पर आरपीएफ की पी-कैप रखी हुई थी। वाहन में सवार व्यक्ति ने खुद को मुरादाबाद मंडल का आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त बताया, लेकिन जब पुलिस ने उससे अधिकारिक पहचान पत्र मांगा तो वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। मंडल मुख्यालय से तस्दीक करने पर पता चला कि इस नाम का कोई अधिकारी वहां तैनात नहीं है।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी की असलियत सामने आ गई। उसने पुलिस को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शिवाला कलां का रहने वाला स्मित कुमार पुत्र राजीव शर्मा है। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह भारी कर्ज में डूबा हुआ था और जल्दी पैसा कमाने के लिए उसने यह खतरनाक रास्ता चुना। वह आरपीएफ के बड़े अधिकारी का रौब दिखाकर चालकों और आने-जाने वाले आम लोगों को डरा-धमकाकर ठगी करने की योजना बना रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से नीली बत्ती लगी अर्टिगा कार, आरपीएफ सहायक सुरक्षा आयुक्त की कैप और संबंधित बैच बरामद कर लिए हैं।
प्रभावी कार्रवाई के तहत दून पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार’ के अंतर्गत आरोपी स्मित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी नीली बत्ती लगी कार को सीज कर दिया गया है और डोईवाला कोतवाली में बीएनएस की धारा 204 और 205 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास और अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस फर्जीवाड़े से पहले किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया है। गिरफ्तार आरोपी को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।




