
ऊधम सिंह नगर, 2 नवंबर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित 14वें दीपावली मेले में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सामाजिक संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ऊधम सिंह नगर, देहरादून और चम्पावत जनपद में छठ पूजा के लिए 20 नए घाटों के निर्माण की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत विकास परिषद जैसे संगठन सेवा, संस्कार और सामाजिक समरसता के मूल्यों को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। ऐसे संगठनों के प्रयास समाज को एकजुट करने के साथ ही लोगों को सकारात्मक दिशा में प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी सहयोग, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।
आठ स्थानों पर बनाए जाएंगे छठ घाट
मुख्यमंत्री ने ऊधम सिंह नगर जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में छठ पूजा के लिए नए घाटों के निर्माण की घोषणा की। इनमें काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज, खटीमा और किच्छा शामिल हैं। इसके अतिरिक्त देहरादून के प्रेमनगर में टोंस नदी के दाहिने तट पर तथा विकासनगर के बाढ़वाला में यमुना नदी के किनारे छठ पूजा घाट बनाया जाएगा। चम्पावत जनपद के बनबसा में भी छठ पूजा के लिए घाट निर्माण की घोषणा की गई।
इन घोषणाओं के माध्यम से छठ पर्व मनाने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया जाएगा।
धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और पुनरुत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को भी सुरक्षित रखना है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी विरासत से जुड़ी रहें।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की आपदा में केदारनाथ धाम को हुए नुकसान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा केदार की नगरी को भव्य और दिव्य स्वरूप प्रदान करने का कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। केदारखंड में चारधाम के विकास की तर्ज पर मानसखंड के अंतर्गत भी पौराणिक मंदिरों और धार्मिक स्थलों के पुनरुत्थान तथा वहां आधारभूत सुविधाओं के विकास का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर तथा मां शारदा के तट पर शारदा कॉरिडोर का निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। इनका उद्देश्य धार्मिक पर्यटन को सुविधाजनक बनाने के साथ संबंधित क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विकास करना है।
दून विश्वविद्यालय में स्थापित किया गया सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की स्थापना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ नई पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा, दर्शन और इतिहास से परिचित कराना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्य मंत्री गंभीर सिंह धामी, मोहनी पोखरिया, किशन सिंह, संतोष गौरव, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, महामंत्री रमेश जोशी, जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडेय, हिमांशु बिष्ट, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
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