रामगंगा जल विद्युत परियोजना, चीला पावर हाउस और पशुलोक बैराज की व्यवस्थाओं का लिया जायजा; अधिकारियों को 24×7 अलर्ट मोड में रहने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखण्ड में भारी बारिश और मौसम विभाग के रेड अलर्ट को देखते हुए उत्तराखण्ड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने अपनी जल विद्युत परियोजनाओं और विद्युत गृहों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। परियोजनाओं में जलस्तर, जल प्रवाह, बांध, बैराज, विद्युत गृहों और अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की लगातार निगरानी की जा रही है।
इसी क्रम में यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक अजय कुमार सिंह ने रविवार को कालागढ़ स्थित रामगंगा जल विद्युत परियोजना, चीला विद्युत गृह और पशुलोक बैराज का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने परियोजनाओं की सुरक्षा व्यवस्था, जल प्रवाह, परिचालन स्थिति और विद्युत उत्पादन से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की।
रामगंगा परियोजना के निरीक्षण के दौरान एमडी ने जलाशय, बांध, बैराज, विद्युत गृह सहित अन्य महत्वपूर्ण संरचनाओं की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से वर्तमान परिस्थितियों की जानकारी ली। वर्तमान में रामगंगा बांध का जलस्तर 359.360 मीटर दर्ज किया गया।
जलस्तर और जल प्रवाह पर लगातार निगरानी के निर्देश
अजय कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भारी बारिश के दौरान जलाशय के जलस्तर और जल प्रवाह की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। किसी भी असामान्य परिवर्तन अथवा संभावित जोखिम की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा गया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों और आवश्यक कार्मिकों को अपने कार्यस्थलों पर उपलब्ध रहते हुए 24×7 अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए।
एमडी ने आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधनों, उपकरणों और व्यवस्थाओं को तैयार रखने तथा सूचना एवं कार्रवाई में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं करने को कहा।
चीला और पशुलोक बैराज की भी परखी व्यवस्थाएं
इसके बाद प्रबंध निदेशक ने चीला विद्युत गृह एवं पशुलोक बैराज का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां सुरक्षा व्यवस्थाओं, जल प्रवाह, परिचालन स्थिति और विद्युत उत्पादन की समीक्षा की। अधिकारियों को प्रतिकूल मौसम में परियोजनाओं और कार्मिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित परिचालन के साथ विद्युत उत्पादन की निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने उपलब्ध जल संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया।
यूपीसीएल और पिटकुल से बेहतर समन्वय पर जोर
एमडी अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखना यूजेवीएनएल की प्राथमिकता है। इसके लिए यूपीसीएल और पिटकुल के साथ निरंतर एवं प्रभावी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने विद्युत उत्पादन, पारेषण और ग्रिड की स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं का समय पर आदान-प्रदान करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तीनों ऊर्जा निगमों के बीच त्वरित समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि प्रतिकूल मौसम के दौरान परियोजनाओं, विद्युत गृहों और कार्मिकों की सुरक्षा के साथ विद्युत उत्पादन की निरंतरता यूजेवीएनएल की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके लिए सभी परियोजनाओं में सतत निगरानी, प्रभावी संचार और त्वरित निर्णय व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।




