माजरा और बंगाली कोठी में नियमों के उल्लंघन पर की गई कार्रवाई

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति किए जा रहे निर्माण कार्यों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हुए सोमवार को शहर में दो भवनों को सील कर दिया। दोनों मामलों में प्राधिकरण की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी और सचिव मोहन सिंह बर्निया के निर्देशन में प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। इसी क्रम में माजरा और बंगाली कोठी क्षेत्र में नियमों के विपरीत पाए गए निर्माणों पर कार्रवाई की गई।
माजरा में भवन सील
पहली कार्रवाई लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, माजरा में की गई। यहां इकराम द्वारा भूतल और प्रथम तल पर भवन निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण के अनुसार इस मामले में उत्तराखण्ड (उ.प्र.) नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973 के संशोधन अधिनियम, 2009 की संबंधित धाराओं के तहत वाद दर्ज था। यह मामला वाद संख्या आर-0439/एस-1/2022 के तहत दर्ज है और अभिलेखों में आनन्द बसेरा के नाम से दर्ज है। नियमानुसार प्रक्रिया पूरी करने के बाद सोमवार को भवन को सील कर दिया गया।
बंगाली कोठी में व्यावसायिक निर्माण पर कार्रवाई
दूसरी कार्रवाई बंगाली कोठी, मोधरोवाला रोड क्षेत्र में की गई। यहां एम.एस. रावत द्वारा व्यावसायिक निर्माण किया जा रहा था। प्राधिकरण ने मामले में संबंधित अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत वाद दर्ज किया। यह मामला सी-03076/एस-2/2026 के रूप में योजित है। सोमवार को एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित निर्माण को सील कर दिया।
नियमों का पालन करने की अपील
एमडीडीए ने भवन स्वामियों और निर्माणकर्ताओं से अपील की है कि निर्माण शुरू करने से पहले स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमतियों की स्थिति सुनिश्चित करें। बिना अनुमति या स्वीकृत मानकों के विपरीत निर्माण किए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले निर्माण को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चिन्हित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की टीमें लगातार निर्माण गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। बिना स्वीकृति अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत होने वाले निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के साथ-साथ प्राधिकरण का उद्देश्य देहरादून में सुनियोजित विकास व्यवस्था को मजबूत करना भी है।




